इस गैंग से पूछताछ में साफ हुआ कि वह फर्जी गोदनामा बनाकर बच्चों को बेचते थे। इस तथ्य को स्पष्ट करने और इस फर्जी गोदनामा के आधार पर फर्जीवाड़े की धारा मुकदमे में शामिल करने के लिए पुलिस को गोदनामा की जांच के निर्देश दिए।
बच्चा चोरी कर नि:संतान दंपतियों को बेचने वाले गैंग को जेल भेजने के बाद पुलिस ने फर्जी गोदनामा की जांच शुरू कर दी है। इस क्रम में बुधवार को पुलिस ने एक गोदनामा भी बच्चा खरीदने वाली महिला से बरामद कर लिया है।
हालांकि, इस दौरान एक घर में ताला लगा मिला, जिसे पुलिस खुलवाकर गोदनामा तलाशने का प्रयास करेगी। इधर, गाजियाबाद से चोरी किए गए एक बच्चे के परिवार का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। यह बच्चा अभी चाइल्ड लाइन की निगरानी में है।
रविवार रात बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ अभियान चलाकर पुलिस ने सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के नेतृत्व में 16 लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें 9 महिलाएं भी शामिल हैं। इनसे 5 बच्चे बरामद किए गए थे। इसके बाद अलीगढ़ पुलिस के इनपुट पर गाजियाबाद से भी दो महिलाएं गिरफ्तार कर एक बच्चा बरामद किया गया।
इस गैंग से पूछताछ में साफ हुआ कि वह फर्जी गोदनामा बनाकर बच्चों को बेचते थे। इस तथ्य को स्पष्ट करने और इस फर्जी गोदनामा के आधार पर फर्जीवाड़े की धारा मुकदमे में शामिल करने के लिए पुलिस को गोदनामा की जांच के निर्देश दिए।
इसे लेकर पुलिस टीम ने बुधवार को बच्चा खरीदने वाले बाबा कॉलोनी के दंपती आकाश व मनीषा के घर से एक गोदनामा बरामद कर लिया है। आकाश को पुलिस जेल भेज चुकी है। जांच व बयान के लिए पहुंची पुलिस ने मनीषा से यह गोदनामा बरामद किया है। जिसमें बबली की ओर से कथित रूप से अपना बेटा कार्तिक मनीषा को गोद देना स्वीकारा है। यह गोदनामा दस रुपये के स्टांप पर है। जिसमें खरीदार के हस्ताक्षर नहीं हैं।
पुलिस अब इस गोदनामा की जांच कर रही है, जिसके तहत स्टांप बेचने वाले को भी जांच की जद में लिया जाएगा। वहीं एक मकान में ताला लगा मिला है, उसकी तलाशी के लिए पुलिस प्रयासरत है। इधर, इस मामले में फरार महिलाओं की तलाश में पुलिस टीम लगी हैं। वहीं गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से चोरी किया गया बच्चा अभी चाइल्ड लाइन के पास है। अलीगढ़ पुलिस की सूचना पर वहां गाजियाबाद की पुलिस इस बच्चे के परिवार को तलाशने का काम कर रही है।
अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। इधर, इस मामले में गाजियाबाद में पकड़ी गईं दोनों महिलाओं को यहां की पुलिस रिमांड पर ले सकती है। वहीं गाजियाबाद के अलावा मुरादाबाद व अन्य कई जिलों की पुलिस भी यहां आकर इस गिरोह के सदस्यों से जेल में पूछताछ कर सकती है और इन्हें रिमांड पर ले सकती है।