अलीगढ़ जिले में पैदा हो रही चिकोरी के तीन उत्पादों की मांग यूरोप सहित पूरी दुनिया में हो रही है। इसमें पहला इंस्टेट चिकोरी, दूसरा चिकोरी पाउडर और तीसरा रोस्टेड चिकोरी एक्सट्रेट है। यह सभी कॉफी का स्वाद और खूशबू बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष इनका 90 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात होने का अनुमान है।
इनका निर्यात रूस, वियतनाम, ताइवान, जार्जिया, तुर्किए, मलयेशिया, अमेरिका, यूक्रेन, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया, एस्टोनिया तक हो रहा है। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई तक 33 करोड़ रुपये का माल विदेशों में भेजा जा चुका है। अभी शेष आठ महीनों में 60 करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात और होने का अनुमान है, जिससे इस वित्तीय वर्ष में इसका कारोबार 90 करोड़ रुपये से आगे निकलने का अनुमान है।
इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 88 करोड़ रुपये का निर्यात हुआ था। वित्तीय वर्ष 2022-23 में 41 करोड़, 2023-24 में 61 करोड़ और 2025-26 में 55 करोड का चिकोरी पाउडर विदेशों में भेजा गया। कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार विभाग के वरिष्ठ विपणन अधिकारी बीपी सिंह ने बताया कि इसका निर्यात बढ़ रहा है, जिससे किसानों की आय बढ़ रही है। इसका कल्स्टर बनाने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि किसानों को सस्ती दरों पर बीज उपलब्ध कराया जा सके और उत्पादन बढ़ाया जा सके।
जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि अब इसकी खेती का रकबा बढ़कर लगभग 70 हेक्टेयर तक पहुंच गया, जो पहले 10 हेक्टेयर तक सीमित था। अतरौली, छर्रा, गोंडा और गंगीरी में इसकी खेती हो रही है। चिकोरी पाउडर बनाने के लिए जिले में नौ प्लांट लगे हैं।