ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीटयूट में टेस्टिंग ट्रैक पर ब्रिक्स लगने के बाद पेंट करते कारीगर।
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आईटीआई परिसर में बन रहे ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर अमर उजाला की खबर के बाद फेरबदल शुरू हो गया है। परिवहन विभाग ने टेस्टिंग ट्रैक पर ब्रिक्स लगाने का कार्य प्रारंभ करा दिया है।
अमर उजाला ने 30 मार्च को पेज नंबर दो पर ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनाने में हुआ ऐसा खेल कि कोई भी नहीं होगा फेल शीर्षक से खबर प्रकाशित की, जिसके माध्यम से बताया गया कि ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर न तो सेंसर लगाए गए हैं और न ही बिक्स लगाई गई हैं। ऐसे में यहां टेस्ट शुरू हो जाए तो कोई फेल नहीं होगा। इस पर परिवहन विभाग ने टेस्टिंग ट्रैक पर ब्रिक्स लगाने का काम शुरू करा दिया है। टेस्टिंग ट्रैक अधिक चौड़ा था। इसीलिए उसके ऊपर ब्रिक्स लगाए जा रहे हैं।
निजी कंपनी के हाथ में जाएगा ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट
परिवहन विभाग जैसे ही ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट को अपने हैंडओवर लेगा। उसके बाद संचालन के लिए इसे निजी कंपनी को सौंपा जाएगा। यह निजी कंपनी ही ड्राइवरों को ड्राइविंग का प्रशिक्षण देगी। प्रशिक्षण के बाद टेस्ट लेकर एक रिपोर्ट कार्ड देगी। इसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बन जाया करेगा।
टेस्ट लेने वाले आरआई के लिए नहीं है कोई मचान
आईटीआई परिसर में बन रहे ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में परिवहन विभाग जल्द से जल्द ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट लेना प्रारंभ करेगा लेकिन इसकी खामियां अभी तक सामने आ रही हैं। टेस्ट लेने वाले आरआई के खड़े होने के लिए जगह नहीं बनाई गई है। तेज धूप और भीषण गर्मी में खड़े रहने के लिए कोई मचान नहीं है।