चंद्रशेखर आजाद को जेएन मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड में जाने से रोकती पुलिस।
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जिंदगी और मौत से जूझ रही हाथरस के चंदपा क्षेत्र की दुष्कर्म पीड़िता से मिलने रविवार को जिले भर में नाकेबंदी के बावजूद भीम आर्मी/ आजाद समाज पार्टी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंच ही गए।
पुलिस उन्हें हाईवे पर घेरने को तैयार थी, मगर वे खुर्जा से जवां के रास्ते सीधे मेडिकल कालेज में पिछले गेट से आकर भारी सुरक्षा को भेदते हुए उस वार्ड के दरवाजे पर पहुंच गए, जहां पीड़िता भरती है। इस दौरान पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक, तीखी झड़प व खींचतान हुई। बाद में अकेले उनकी वार्ड के अंदर ले जाकर परिवार से मुलाकात कराई गई और बिटिया का हाल वीडियो कॉल के जरिये दिखाया गया। इस दौरान कोविड व वेंटिलेटर का हवाला देकर डाक्टरों ने उन्हें कमरे में नहीं जाने दिया।
मुलाकात के बाद चंद्रशेखर आजाद ने एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी व एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा, जिसमें पीड़ित बेटी का उपचार दिल्ली के एम्स में कराने, परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ में चेतावनी दी कि अगर बेटी को एम्स भेजने की मांग जल्द न मानी गई तो वे यहीं धरना देने को मजबूर होंगे। इसके बाद वे हाथरस जिले में स्थित बेटी के घर जाने की जिद पर अड़ गए। मगर, हाथरस व अलीगढ़ के पुलिस अधिकारियों ने बमुश्किल समझा-बुझाकर उन्हें यहां से वापस भेजा। इस दौरान हाल ही में उनकी पार्टी में शामिल हुए पूर्व मंत्री चौ. महेंद्र सिंह, प्रदेशाध्यक्ष हिमांशु कुमार आदि सहित पश्चिमी यूपी, एनसीआर व राजस्थान के करीब डेढ़ सौ कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चंद्रशेखर आजाद को रोकने के लिए गभाना टोल प्लाजा पर तैनात पुलिसफोर्स।- फोटो : CITY OFFICE