आजाद समाज पार्टी के संस्थापक/राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अगर कोई हमारी बहन-बेटियों को बेइज्जत करने की कोशिश करेगा, तो उसका इलाज भी कर देंगे। हमें सताने का काम कोई करेगा तो भीम आर्मी के लोग खुद भी सजा दे सकते हैं। मुख्यमंत्री के चहेते अपराध को अंजाम दे रहे हैं। इसलिए उन पर मजबूती से कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने यह भी एलान किया कि हम सत्ता में आएंगे तो उन अफसरों की फाइल खोलेंगे, जो सरकार के इशारे पर अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं।
रविवार को वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हाथरस जिले के चंदपा क्षेत्र में दुष्कर्म की शिकार पीड़िता से मिलने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने पीड़िता को वीडियो कॉल के जरिये देखा। इसके बाद चंद्रशेखर ने पत्रकारों से कहा कि अगर, हमारे लोगों की सुरक्षा पुलिस नहीं करती है तो अपनी सुरक्षा करना वो जानते हैं, क्योंकि उत्तर प्रदेश ही नहीं देशभर में भीम आर्मी बहुत मजबूत है। उन्होंने कहा कि भीम आर्मी के लोग मुकदमे, जेल से नहीं डरते, क्योंकि वह स्वामिभान व सम्मान की लड़ाई लड़ते हैं। चंद्रेशखर ने कहा कि अनुसूचित जाति का दमन हो रहा है। उत्तर प्रदेश का अनुसूचित जाति समाज त्राहि-त्राहि कर रहा है। पिछले एक महीने में आगरा, हाथरस, अलीगढ़ सहित आसपास जिलों में दस अनुसूचित जाति के लोगों की हत्या हो चुकी है। पीड़िता के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। अपराधियों पर रासुका लगाया जाए।
दलितों के लिए दमन प्रदेश बन गया है उत्तर प्रदेश
चंद्रशेखर ने कहा कि रोकने के लिए जो प्रयास किया गया। अगर यही प्रयास पुलिस अपराधियों को रोकने को करे तो शायद अपराध रुक जाएगा। कोई भी सुरक्षित नहीं है। बहन-बेटियां, बुजुर्ग खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश दलितों के लिए दमन प्रदेश बन गया है। पीड़िता का परिवार परेशान है, उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अपराधियों ने पीड़िता की जुबान काटी है और गर्दन, रीढ़ की हड्डी तोड़ी है। यह घिनौना कृत्य जानवर ही कर सकता है। पता नहीं, उनमें कैसे संस्कार हैं। जिस देश में देवी की पूजा होती है, उस देश में ऐसे घिनौने कृत्य से तकलीफ पहुंचती है। उन्होंने सवाल पूछा कि उत्तर प्रदेश में इतना अपराध क्यों बढ़ गया है। क्यों अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। दुष्कर्म की घटनाएं क्यों बढ़ रही है। घटनाएं इसलिए बढ़ रही हैं, क्योंकि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। इस बेटी के इलाज में लापरवाही बरती गई तो वह धरने पर बैठ जाएंगे।
पुलिस कर रही लीपापोती
सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने के सवाल पर चंद्रशेखर ने कहा कि जब मिलने और पाने की दिल में आग होती है, तो वही निर्णय होता है, जो आप चाहते हैं। अपनी बहन से मिलने आया था, जो मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। उसकी 14 दिन से हालत में कोई सुधार नहीं है। उसकी हालत को देखते हुए उच्चाधिकारी उसे रेफर कर देते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो बर्दाश्त नहीं होगा। पुलिस ने शनिवार को आखिरी आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस लीपापोती का काम कर रही है।