होली, शब-ए-बरात व पाम संडे (खजूर इतवार) का त्योहार है। इत्तेफाक से हिंदू, मुस्लिम व ईसाई के त्योहार एक साथ पड़ रहा है। तीन त्योहारों के एक साथ पड़ने पर धर्मगुरुओं ने आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की है।
धर्मगुरुओं के बोल
बड़े हर्ष का विषय है कि दोनों त्योहार एक साथ हैं। वैसे भी होली का त्योहार एकता में अनेकता का प्रतीक है। सभी एक रंग में रंगे हों। ऊंच, नीच, जाति-पात का भेदभाव न हो। दोनों त्योहार भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। त्योहारों का सम्मान किया जाए।
- महंत योगी कौशलनाथ
त्योहारों को आपसी भाईचारे साथ मनाया जाए। इन त्योहारों में कोई ऐसा काम न हो, जिससे किसी के दिल को ठेस पहुंचे। मैं अलीगढ़ वासियों से अपील करता हूं कि सभी बड़ा दिल करके त्योहारों को खुशी के साथ मनाएं और महामारी के खात्मे के लिए दुआ करें।
-शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद
ये तो अच्छी बात है कि दोनों त्योहार एक दिन पड़ रहे हैं। हिंदू भाई खुश और मुस्लिम भाई भी खुश। दोनों को एक-दूसरे त्योहारों का सम्मान करना चाहिए। शब-ए-बरात जहां मोहब्बत का पैगाम देता है। वहीं, होली का पर्व आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
-जत्थेदार भूपेंद्र सिंह
त्योहार को मनाने के साथ कोविड-19 के नियमों का भी पालन होना चाहिए। हिंदू, मुस्लिम के साथ ईसाइयों का भी पाम संडे का त्योहार है। अलीगढ़ के लोगों से अपील है कि सभी त्योहार आपसी भाईचारे के साथ मनाएं। गंगा-जमुनी एकता को बनाए रखें।
-फादर हेराल्ड अमिताब
महंत योगी कौशल नाथ।- फोटो : CITY OFFICE
सरदार भूपेंद्र सिंह- फोटो : CITY OFFICE
फादर हेराल्ड अमिताब- फोटो : CITY OFFICE