त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशियों की ओर से बेशक अभी पर्चा दाखिल नहीं किया गया है। मगर, होली मिलन समारोह के बहाने ये लोग अपने-अपने क्षेत्र के वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुटे हैं। कोई होली की आड़ में शराब बांट रहा है तो कोई पैसा और तोहफे दे रहा है। इसको लेकर जिला पुलिस और प्रशासन की निगाह सभी संभावित प्रत्याशियों पर टिक गई है।
गांव-गांव होने वाले आयोजनों में पुलिस ने अपने मुखबिरों को सक्रिय किया है। वहीं, तहसील की टीमें भी अलर्ट हैं। जो प्रत्याशी शराब और तोहफे बांट रहे हैं, उनकी सूची तैयार की जा रही है। प्रशासनिक-पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस प्रकार के अनैतिक कार्य करने और प्रलोभन देकर वोटरों को लुभाने वाले प्रत्याशियों पर कार्रवाई की जाएगी।
सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अनुमति जरूरी
जिला प्रशासन ने साफ किया है कि होली मिलन समारोह के सार्वजनिक आयोजनों के लिए आयोजकों को पूर्व में ही अनुमति लेना अनिवार्य है। शहर में क्षेत्रीय मजिस्ट्रेट और देहात में संबंधित एसडीएम के स्तर से अनुमति जारी होगी।
कलक्ट्रेट में चुनाव कंट्रोल रूम बना
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह की ओर से कलक्ट्रेट परिसर में चुनाव कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। इसमें 14 अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेगा। तीन शिफ्ट में ड्यूटी चार्ट तैयार किया गया है।
जिला निर्वाचन अधिकारी के मुताबिक, प्रथम शिफ्ट सुबह छह से दोपहर दो बजे तक रहेगी, इसमें सहायक प्रभारी अधिकारी निधि राठौर व उनके साथ तीन कर्मचारी रहेंगे। दूसरी शिफ्ट दोपहर दो से रात 10 बजे तक रहेगी। इस शिफ्ट की सहायक प्रभारी अधिकारी स्मिता सिंह रहेंगी। उनके साथ तीन कर्मचारी रहेंगे। तीसरी शिफ्ट सहायक प्रभारी अधिकारी बीएम शर्मा के नेतृत्व में काम करेगी।
तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा उप कृषि निदेशक अनिल कुमार को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। इनके साथ फतेह सिंह आहूजा को तैनात किया गया है। प्रभारी अधिकारी का काम आवश्यकतानुसार सूचनाएं एकत्रित करके प्रेषित करने का होगा। इसी कंट्रोल रूम से पूरे चुनाव की निगरानी की जाएगी।