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अग्निवीर आंदोलन: अलीगढ़ सहित 12 जिलों में दर्ज 50 मुकदमे होंगे वापस, शासन ने मांगी फाइनल रिपोर्ट

Thu, 12 Mar 2026 12:38 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

17 जून 2022 को अग्निवीर योजना के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर जमकर तांडव मचाया था। टप्पल थाने की जट्टारी चौकी को फूंक दिया गया था। 12 निजी वाहन राख कर दिए गए और 10 सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाया गया। हिंसा को रोकने पहुंचे एक सीओ और चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे।
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दर्ज मुकदमे होंगे वापस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वर्ष 2022 में अग्निवीर योजना के खिलाफ भड़की हिंसा की आग अब ठंडी पड़ती नजर आ रही है। उत्तर प्रदेश शासन ने आंदोलन के दौरान युवाओं पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस फैसले से अलीगढ़ सहित प्रदेश के 12 जिलों के उन सैकड़ों युवाओं को बड़ी राहत मिल सकती है, जिनका भविष्य अदालती कार्यवाहियों के बीच फंसा हुआ था।

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विशेष सचिव डॉ. सत्यवान ने मामले में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। मुकदमों की वापसी इतनी आसान नहीं होगी। इसके लिए शासन ने 16 कड़े मानक तय किए हैं। इनमें डीएम, एसएसपी और लोक अभियोजक की स्पष्ट राय शामिल होगी। इसके अलावा केस डायरी और साक्ष्यों की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भेजी जाएगी।

यह भी देखा जाएगा कि क्या संबंधित मामले में कोई ''क्रॉस केस'' दर्ज है? अपराध की गंभीरता और सार्वजनिक क्षति का आकलन भी होगा। युवाओं के भविष्य और सामाजिक सद्भाव को देखते हुए सरकार ने यह सुधारात्मक कदम उठाया है। हालांकि, गंभीर आगजनी और पुलिस पर हमले के मामलों में रिपोर्ट कैसी आती है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। जिलाधिकारी संजीव का कहना है कि शासन ने जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है वह तैयार कर भेज दी जाएगी।
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जट्टारी चौकी को फूंक दिया था

17 जून 2022 की तारीख अलीगढ़ के इतिहास में काले अक्षरों में दर्ज है। अग्निवीर योजना के विरोध में उतरे प्रदर्शनकारियों ने यमुना एक्सप्रेसवे पर जमकर तांडव मचाया था। टप्पल थाने की जट्टारी चौकी को फूंक दिया गया था। 12 निजी वाहन राख कर दिए गए और 10 सरकारी गाड़ियों को निशाना बनाया गया। हिंसा को रोकने पहुंचे एक सीओ और चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस हिंसा के लिए दावा न्यायाधिकरण ने 69 आरोपियों पर 12 लाख रुपये की वसूली का आदेश भी दिया था।
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इन 12 जिलों के युवाओं पर टिकी नजरें
इसमें अलीगढ़ के अलावा आगरा, मथुरा, गौतमबुद्धनगर, वाराणसी, गोरखपुर, बस्ती, रायबरेली, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और बलिया शामिल हैं।

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