आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद व यूपी प्रभारी संजय सिंह पर अलीगढ़ में मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा संजय सिंह द्वारा लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश में जातिवादी राजनीति के बयान से आहत होकर बन्नादेवी थाने में एक युवक ने दर्ज कराया है। पुलिस ने फिलहाल मुकदमा दर्ज कर उसकी विवेचना शुरू कर दी है।
लखनऊ स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय पर प्रेसवार्ता के दौरान राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रदेश सरकार पर जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि राज्य में ठाकुरों को सम्मान व अन्य जातियों को अपमान किया जा रहा है। यह बात वे पहले कह चुके हैं कि श्रीराम जन्मभूमि शिलान्यास के लिए राष्ट्रपति को आमंत्रित नहीं किया गया। इसका मुद्दा उठाया गया तो दलितों ने भी सरकार के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया है। प्रदेश में राजभर, कुर्मी, गड़ेरिया, कश्यप, लोधी, कुम्हार, नाई, बढ़ई, सोनकर, वाल्मीकि, जाटव, पासवान, धोबी, कोली समाज में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। इनके साथ ही प्रदेश का ब्राह्मण समाज भी सरकार के प्रति गुस्सा है।
उन्होंने उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा से भी सवाल किया था कि वह खुद ब्राह्मण होकर अपने ही लोगों के साथ कैसे अन्याय को सहन कर रहे हैं। प्रदेश में अब लोग एसटीएफ का मतलब स्पेशल ठाकुर फोर्स का नारा देने लगे हैं। इससे दलित व ब्राह्मणों में सरकार के खिलाफ गुस्सा है। इस मामले में शहर के बन्नादेवी थाना क्षेत्र के जीटी रोड निवासी दीपक अग्रवाल ने थाना बन्नादेवी में तहरीर दी थी। तहरीर के आधार पर थाना पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
दीपक का कहना है कि यह आरोप यूपी के सीएम पर लगाना गलत है, क्योंकि वे महंत हैं और महंत की कोई जात बिरादरी नहीं होती। एसएसपी मुनिराज जी के मुताबिक फिलहाल दीपक अग्रवाल की तहरीर पर राज्यसभा सांसद संजय सिंह के खिलाफ थाना बन्नादेवी में धारा 153 ए व 505 वन बी में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। बाकी जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।