फैक्टरी संचालक संजीव निवासी ग्राम पनिहावर एवं सहमालिक विक्की उर्फ विक्रम निवासी अलीगढ़ के खिलाफ धारा 202, 268, 269, 278, 284, 287, 308 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। चाहरदीवारी के अंदर तीन गैस के कैप्सूल (सिलिंडर) मिले हैं। जिनमें से एक कैप्सूल पानी के टैंक में पड़ा था। जिससे क्लोरीन गैस का रिसाव हो रहा था।
थाना क्षेत्र के बरौली रोड स्थित कटरा मोड़-पनिहावर के मध्य निर्माणाधीन पानी फिल्टर (जल शोधन संयंत्र) फैक्टरी से क्लोरीन गैस के रिसाव के मामले में फैक्टरी के दो संचालकों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। फैक्टरी और प्लांट को सील कर दिया गया है। पुलिस फरार संचालकों की तलाश कर रही है। वहीं, रातभर की मशक्कत के बाद गैस रिसाव को दमकल कर्मियों ने रोक दिया। गैस की चपेट में आए पीड़ितों को भी अस्पताल से छुट्टी दे गई है।
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सीओ गभाना सुमन कनौजिया ने बताया कि मामले में उपनिरीक्षक अमित कुमार की ओर से फैक्टरी संचालक संजीव निवासी ग्राम पनिहावर एवं सहमालिक विक्की उर्फ विक्रम निवासी अलीगढ़ के खिलाफ धारा 202, 268, 269, 278, 284, 287, 308 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। उन्होंने बताया कि चाहरदीवारी के अंदर तीन गैस के कैप्सूल (सिलिंडर) मिले हैं। जिनमें से एक कैप्सूल पानी के टैंक में पड़ा था। जिससे क्लोरीन गैस का रिसाव हो रहा था।
गैस रिसाव होने से गांव पनिहावर एवं कटरा के लोगों को रात भर आंखों में जलन, उल्टी, बेचैनी एवं सांस लेने में दिक्कत होती रही। अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। फैक्टरी संचालक बुलाने पर भी मौके पर नहीं आए। गैस रिसाव रोकने का कोई तकनीकी सहायक और न ही कोई उपकरण प्लांट में मौजूद था। न ही वैध अधिकार पत्र संज्ञान में आया है।
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इस आधार पर फैक्टरी एवं प्लांट को सील कर दिया गया है। क्लोरीन गैस के रिसाव को दमकल कर्मियों ने रातभर के प्रयास के रोक दिया। इस दौरान दो दमकल कर्मी भी बेहोश हो गए थे। उन्हें जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आंखों में जलन, सांस लेने आदि की समस्या से पीड़ित ग्रामीणों को भी अस्पताल से उपचार के बाद छुट्टी दे दे गई।