फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संभल कर निकलें बाहर... अब आपके हाथ में है खुद की व परिवार की सुरक्षा

विज्ञापन
बाजार में सोशल ​​डस्टें​​संग भूले लोग। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
लॉकडाउन अब अनलॉक होने लगा है। धर्मस्थल आज से खुलेंगे। शॉपिंग मॉल, होटल व रेस्टोरेंट भी आपके स्वागत को तैयार रहेंगे। अब खुद की व परिवार की सुरक्षा आपके हाथों में है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार को खतरे में डाल सकती है। ऐसे में घर से निकलने से पहले सावधानी बरतें। बहुत जरूरी न हो तो भीड़भाड़ वाले स्थल पर जाने से परहेज करें। जाना जरूरी होे तो लोगों से शारीरिक दूरी रखें। मास्क लगाएं और बिना मास्क वाले लोगों से दूरी रखें। बार-बार हाथ धोते रहें। सैनिटाइजर का भी प्रयोग करते रहें। यह भी ध्यान रखें कि आपका एवं परिवार के सदस्यों का भोजन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला हो। डायबिटीज, हाईपरटेंशन, सांस, लिवर एवं किडनी आदि रोगों से ग्रस्त 60 वर्ष से अधिक के मरीज घर से बाहर न निकलें तो अच्छा है। ये कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं एक्सपर्ट का।
विज्ञापन

आगामी 15 दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सबकी है। एक बाइक पर तीन लोग एवं भीड़-भाड़ देखकर चिंता होती है। कोरोना को हराने के लिए शारीरिक दूरी, मास्क एवं हाथ धोते रहने के मंत्र को हमेशा याद रखें। अच्छा खान-पान के साथ साथ व्यायाम भी करें।
- डॉ. बीपी सिंह कल्याणी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
डायबिटीज, किडनी, लिवर एवं सांस के रोगी बाहर जाने से परहेज करें। भोजन में विटामिन सी का प्रयोग करें। मंदिर-मस्जिद में भीड़ न लगाएं और एक-दूसरे से शारीरिक दूरी बनाकर रहें। घर-बाहर पार्टी नहीं करें। अपना एवं अपने परिजनों का ख्याल रखें।
विज्ञापन

- डॉ. विमल कुमार गुप्ता, अधीक्षक, पं. दीनदयाल कोविड हॉस्पिटल
महामारी के मौजूदा दौर में मंदिर और मस्जिद में भीड़ बढ़ाने से बचें। हालात को देखते हुए घर में पूजा करना उत्तम है। जरूरी नहीं हो तो घर से बाहर नहीं निकले। अगर निकल रहें हैं तो यह भी ध्यान रखें कि दुकानदार मास्क में है या नहीं। मास्क, दूरी व सफाई का ख्याल रखें।
- डॉ. नरेश शर्मा, सीएमओ, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर , जेएन मेडिकल कॉलेज
10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग बिल्कुल बाहर न निकले। डायबिटीज, बीपी, किडनी, अस्थमा आदि के मरीज घर में रहें और चिकित्सक से परामर्श लेते रहें। मंदिर-मस्जिद को सैनिटाइज करने का इंतजाम किया जाए।
विज्ञापन

- डॉ. एहतेशाम अहमद, सीएमओ, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर, जेएन मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें