कार 3800 किलोमीटर चली। तभी जीटी रोड पर कार अचानक रुक गई। कार को आगरा के वर्कशॉप ले जाया गया। जहां से 14 अप्रैल 2022 को कार वापस कर दी गई। इसके बाद भी कार से आवाज आ रही थी। पिकअप व माइलेज भी चार-पांच किलोमीटर प्रति लीटर कम हो गया। 13 जुलाई 2022 को कार दोबारा रास्ते में रुक गई।
अलीगढ़ के जिला उपभोक्ता न्यायालय ने नई कार में खराबी आने के मामले में कार कंपनी को नई कार या उसकी कीमत के 17 लाख 76 हजार रुपये देने के आदेश दिए हैं। कंपनी को 10 हजार रुपये बतौर वाद व्यय देने का आदेश पारित किया है।
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सिविल लाइंस क्षेत्र के मौलाना आजाद नगर निवासी नूर आलम ने राजीव छाबड़ा, अध्यक्ष व एमडी एमजी मोटर्स, 32 एवेन्यू, लानी खेड़ा, सेक्टर-15, गुरुग्राम (हरियाणा), गुजरात के पंच महल के औद्योगिक अस्थान हलाल चंद्रपुरा के प्रबंधक, आगरा के नगरा परी बाईपास के प्रबंधक व महरावल स्थित कंपनी के प्रबंधक के खिलाफ वाद दायर किया था।
नूर आलम के अनुसार 29 नवंबर 2021 को महरावल स्थित शोरूम से पेट्रोल कार यूपी 81 सी 6292 खरीदी थी। इसकी कीमत 17 लाख 76 हजार 700 रुपये थी। 29 मार्च 2022 तक यह कार 3800 किलोमीटर चली। तभी जीटी रोड पर कार अचानक रुक गई। कार को आगरा के वर्कशॉप ले जाया गया। जहां से 14 अप्रैल 2022 को कार वापस कर दी गई।
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इसके बाद भी कार से आवाज आ रही थी। पिकअप व माइलेज भी चार-पांच किलोमीटर प्रति लीटर कम हो गया। 13 जुलाई 2022 को कार दोबारा रास्ते में रुक गई। आगरा वर्कशॉप में रिपेयरिंग के बाद 19 जुलाई 2022 को कार वापस आई। पीड़ित की ओर से अधिवक्ता अनूप कौशिक ने आयोग में वाद दायर किया। अध्यक्ष व न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य आलोक उपाध्याय व पूर्णिमा सिंह राजपूत की पीठ ने कंपनी को नई कार या कीमत के रुपये नौ प्रतिशत ब्याज के साथ देने के आदेश दिए हैं।