इससे भी ज्यादा हैरत की बात यह रही कि गाड़ी का चालान प्रयागराज में होना दिखाया जा रहा है, जबकि वह कभी गाड़ी लेकर प्रयागराज गए ही नहीं हैं। नरेंद्र पचौरी ने बताया कि आरटीओ विभाग से संपर्क किया गया तो उन्होंने सर्वर डाउन होने की बात कहते हुए चालान की स्थिति देखने से इंकार कर दिया। इसलिए उन्होंने इस प्रकरण की शिकायत ट्विटर के माध्यम से प्रदेश के डीजीपी, परिवहन विभाग सहित परिवहन मंत्री से की है। नरेंद्र पचौरी के अनुसार चालान की राशि बड़ी नहीं है, लेकिन इसके पीछे प्रदेश पुलिस की लापरवाह कार्यशैली नजर आ रही है। इसमें बदलाव की जरूरत है, इसीलिए उन्होंने कदम उठाया है।