एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कई आधुनिक जांच मशीनें आने वाली हैं। इसके लिए मेडिकल प्रशासन ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इन मशीनों से कैंसर और जबड़े की सर्जरी होगी। इसके लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन और हायर एजुकेशन फाइनेंस एजेंसी (एचईएफ) को पत्र भेजा गया है।
डॉ. जियाउद्दीन अहमद डेंटल कॉलेज में आधुनिक मशीन मंगाने की कवायद तेज हो गई है। यह मशीन काफी कारगर है, जो जबड़े की सर्जरी के दौरान पैदा होने वाले जोखिम को बहुत कम कर देगी। उपचार के बाद जबड़े पर निशान भी नहीं पड़ेंगे। डेंटल कॉलेज के ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रो. गुलाम सरवर हाशमी ने बताया कि मशीन के आने से उन मरीजों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा, जो निजी अस्पतालों में इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि जबड़े की दिक्कतों को समझने के लिए एमआरआई का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन उससे अंदरूनी दिक्कतें पूरी तरह से सामने नहीं आई पाती है, इसलिए टीएमजे आर्थोस्कोपी से जांच बहुत बेहतर होती है। मशीन की कीमत करीब 50 लाख रुपये है।
एएमयू के रेडियोथेरेपी विभाग के अध्यक्ष प्रो. अकरम खान ने बताया कि लीनियर एक्सीलेरेटर आधुनिक मशीन के आने से कैंसर के मरीजों का इलाज और बेहतर तरीके से होगा। जेएन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्या प्रो. वीणा माहेश्वरी ने कहा कि मशीनों को खरीदने के लिए एचईएफ एजेंसी को पत्र भेजा जा चुका है। बेहतर इलाज के लिए और कई मशीनें मंगाने पर बातचीत चल रही है।