जिले में मौत का तांडव मचाने वाले जहरीली शराब कांड में अभियोजन को तगड़ा झटका लगा है। इस कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल तालानगरी के मशहूर स्याही-केमिकल कारोबारी विजेंद्र कपूर 10 माह 4 दिन बाद सोमवार देर शाम जेल से रिहा हो गए। उन्हें यह रिहाई सभी आठ मुकदमों में हाईकोर्ट से जमानत मिलने और जमानत की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दी गई है। खास बात है कि इस कांड के मुख्य आरोपियों में शामिल कपूर ऐसे आरोपी हैं, जिन्हें सबसे पहले जमानत मिली है। इस खबर पर जहरीली शराब कांड से जुड़े अन्य मुख्य आरोपियों में उम्मीद जागी है। वहीं, कपूर परिवार में खुशी का माहौल है।
28 मई 2021 की सुबह लोधा के करसुआ गांव से जिले में जहरीली शराब ने मौत का तांडव मचाना शुरू किया और लगातार 10 दिन तक जिले भर में 126 मौतों का क्रम जारी रहा। प्रदेश भर में हायतौबा मची रही। मगर जिला पुलिस ने चंद घंटों में इस कांड की मुख्य कड़ियों को खोजते हुए पहले ही दिन माफिया अनिल चौधरी सहित पांच आरोपी गिरफ्तार किए। उनसे विपिन उर्फ ओमवीर यादव का नाम उजागर हुआ और विपिन की गिरफ्तारी के बाद पता चला कि अकराबाद के अधौन में अवैध शराब फैक्टरी चल रही है। वहीं से यह माल की सप्लाई जिले में व आसपास के जिलों में दी जाती है। विपिन ने ही स्वीकारा कि विद्या नगर कॉलोनी में रहने वाले तालानगरी के स्याही-केमिकल व सैनिटाइजर निर्माता कारोबारी विजेंद्र कपूर से वे मिथाइल अल्कोहल खरीदते हैं, जिससे यह शराब बनाई जा रही है। इस पर 30 मई की रात ही विजेंद्र को फैक्टरी तलाशी के दौरान पुलिस प्रशासनिक टीम ने बुलाया। तलाशी में जब उनकी फैक्टरी में 203 ड्रमों में 40 हजार 600 लीटर मिथाइल अल्कोहल मिला तो उन्हें व उनके मुंशी को गिरफ्तार कर 31 मई को जेल भेज दिया गया। साथ में फैक्टरी को सील कर दिया गया। इस दौरान पहला मुकदमा हरदुआगंज में दर्ज हुआ। इसके बाद विवेचना के आधार पर अन्य चार मुकदमों में उनके नाम बढ़ाए गए, जबकि तीन गैंगेस्टर मुकदमे भी दर्ज किए गए, जिन सभी मुकदमों में सत्र न्यायालय से जमानत अर्जियां खारिज हुईं। जमानत के आधार पर सोमवार देर शाम रिहाई की पुष्टि जेलर पीके सिंह ने की है।
ऐसे मिली जमानत, दो मुकदमों पर बचाव पक्ष का एतराज
कपूर की ओर से पैरवी कर रहे बार के वरिष्ठ अधिवक्ता योगेंद्र शर्मा लल्ला ने बताया कि हाईकोर्ट में एक-एक कर सभी मुकदमों में जमानत मंजूर हुई हैं। लोधा के एक मुकदमे में गलत नाम शामिल किए जाने संबंधी अर्जी भी हाईकोर्ट में लंबित है। उस पर भी निर्णय का इंतजार है। उसमें हमारी दलील है कि जिस मुकदमे में शव नहीं मिले, उसमें हमें मौत का जिम्मेदार कैसे और क्यों माना जा रहा है। वहीं हरदुआगंज का मुकदमा 31 मई की रात लिखा गया। उसके चंद मिनट बाद अकराबाद का मुकदमा दर्ज किया गया। इन दोनों मुकदमों पर भी अदालत में हमने पुलिस पर जल्दबाजी में मुकदमे करने और उन्हें खारिज का अनुरोध किया है।
अब होगा फैक्टरी की सील खुलवाने का प्रयास
अधिवक्ता योगेंद्र शर्मा के अनुसार कपूर की फैक्टरी को गैंगेस्टर एक्ट के तहत जब्त कर सील कर दिया गया है। इसके खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की गई थी। वहां से हमारी अपील खारिज कर दी गई। उसके खिलाफ हमने गैंगेस्टर न्यायालय में अपील कर रखी है। उस पर भी जल्द सुनवाई की तारीख नियत है। प्रयास है कि फैक्टरी की सील खुलने और हमें सुपुर्द किए जाने का आदेश हमें मिलेगा।
रिहाई के बाद परिवार संग घूमने निकले कपूर
कपूर पर दर्ज आठ मुकदमों में जमानत मिलने का सिलसिला जनवरी माह से शुरू हुआ। सबसे आखिरी जमानत उनको 31 मार्च को खैर के गैंगेस्टर से जुड़े मुकदमे में मिली है। इसका आदेश यहां आते ही उसकी जमानत भरवाने, सत्यापन आदि की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद रिहाई आदेश सोमवार को जिला कारागार पहुंचा, जहां से करीब साढ़े आठ बजे रिहा किया गया। रिहाई होते ही वे जेल गेट पर अपने परिजनों से मिले। इसके बाद विद्या नगर स्थित घर पहुंचे। घर पर चंद मिनट रुकने के बाद वे यहां से कहीं घूमने निकल गए। इस दौरान घर के आसपास के लोग भी उनके विषय में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं दे सके।
अन्य घोषित मुख्य माफिया को भी जागी उम्मीद
इस कांड में मुख्य शराब माफिया सूची में शामिल कपूर ऐसे आरोपी हैं, जिन्हें सबसे पहले जमानत मिली है और रिहा हुए हैं। हालांकि अन्य कई आरोपी अब तक रिहा हो चुके हैं। मगर 10 माह में मुख्य आरोपियों में शामिल कपूर पहले आरोपी हैं, जो रिहा हुए हैं। इसके अलावा इस कांड में अनिल चौधरी, ऋषि शर्मा, मुनीष शर्मा, विपिन उर्फ ओमवीर यादव, शिवकुमार, मदनगोपाल, गंगाराम प्रधान आदि मुख्य आरोपी हैं। उनको भी अब रिहाई की उम्मीद जाग गई है।
सुधीर को भी सभी मुकदमों में जमानत, रिहाई जल्द
इस कांड में अब तक मुनीष की पत्नी ममता, भाई, बेटा, भांजा रिहा हो चुके हैं। वहीं अनिल चौधरी के भाई सुधीर चौधरी की भी सभी मुकदमों में जमानत हो चुकी है। आखिरी मुकदमे में जमानत एक अप्रैल को मंजूर हुई है। संकेत हैं कि सुधीर की भी जल्द रिहाई हो सकेगी। यह जानकारी सुधीर के अधिवक्ता आरएस तोमर ने दी है।