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अलीगढ़ः कारोबारी स्वप्निल जैन का बावर्ची अगवा, हत्या का अंदेशा

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नामचीन कारोबारी स्वप्निल जैन के बावर्ची आशीष शर्मा का पांच दिन पहले अपहरण कर लिया गया है और पुलिस जांच में हत्या का अंदेशा व्यक्त किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस ने कर्मचारी की पत्नी सहित चार लोगों को हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ जारी है। हालांकि, वे पुलिस को लगातार बरगला रहे हैं। जब तक आशीष के जिंदा या मुर्दा होने के कोई मजबूत साक्ष्य नहीं मिल जाते, तब तक पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है।
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मडराक क्षेत्र के गांव हाजीपुर चौहट्टा का 41 वर्षीय आशीष शर्मा शहर के कारोबारी व पावना ग्रुप के मालिक स्वप्निल जैन के मंगलायतन स्थित आवास पर बतौर बावर्ची काम करता था। वह सुबह काम पर पहुंचता था और शाम को काम खत्म कर वापस गांव आता था। रोजाना की तरह 12 अगस्त की शाम करीब साढ़े आठ बजे वह घर आया और इसके कुछ देर बाद अचानक गायब हो गया। इसके अगले दिन यानि 13 अगस्त को आशीष की पत्नी ने सरोज देवी ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इस पर पुलिस ने जांच व खोजबीन शुरू कर दी। जांच में पता चला कि गायब होने से पहले वह मडराक में एक मोबाइल शॉप पर भी गया है। वहां के सीसीटीवी में वह कैद है। अभी पुलिस जांच कर ही रही थी कि 14 अगस्त को पत्नी ने पुलिस को नई तहरीर दी कि उसके पति को मथुरा रोड हाईवे कट से कार सवार चार लोग अगवा करके ले गए हैं।
इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले में दो दिन तक चली जांच में आशीष की अपहरण के बाद हत्या का अनुमान लग रहा है। जांच में यह भी पता चला है कि उसकी पत्नी के सासनी गेट इलाके के किसी व्यक्ति से संबंध थे। उसी व्यक्ति ने पत्नी के इशारे पर अपने लोधा के कुछ साथियों संग मिलकर आशीष को गायब किया है। इंस्पेक्टर मडराक कुलदीप सिंह ने बताया कि फिलहाल पत्नी सहित चार लोग हिरासत में हैं। यह साफ हो गया है कि इन्हीं लोगों ने कार में उसे अगवा कर कहीं गायब किया है। अभी पूछताछ चल रही है। जल्द ही सच्चाई सामने आएगी।
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लगातार बदल रहे बयान
पुलिस पूछताछ में हिरासत में लिए गए लोग कभी नरौरा तो कभी कहीं आशीष की हत्या कर शव फेंकने की बात कह रहे हैं। पुलिस कई जगह उन्हें लेकर गई है। मगर सही बात सामने नहीं आई है। इससे साफ है कि पुलिस को बरगलाकर वे सच्चाई पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। मगर पुलिस मामले में तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
आज भी बच्चों से कराई एक शव की पहचान
हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के बाद मंगलवार को एक लाश की पहचान आशीष के बच्चों व अन्य परिजनों से कराई गई। मगर उन्होंने उसे आशीष का शव होने से इंकार कर दिया। अब पुलिस फिर रात को नए सिरे से पूछताछ की तैयारी में है।
बच्चों की जान को लेकर भी बना है खतरा
आशीष दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा करीब 17 साल का है, उससे छोटी बेटी 13 साल व फिर दस साल का बेटा है। पिता के गायब होने और मां के पुलिस हिरासत में होने के कारण उनका भविष्य अंधकार में है। उनकी जान को लेकर भी खतरा परिवार की ओर से जताया जा रहा है। हालांकि खुद स्वपिभनल जैन ने उनकी पढ़ाई व रहन सहन आदि सभी तरह का खर्च उठाने की बात कही है।
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