महानगर के बन्नादेवी के चाय वाले की टीबी से मौत की खबर का जिक्र अभी लोगों के जेहन से उतरा न था कि रविवार को इसी तरह की फिर एक घटना हो गई। गांधी पार्क के मामू भांजा में एक युवक ने फालिज (पैरालाइसिस) व पत्नी के अनावश्यक शक के कारण अवसाद में आकर फांसी लगाकर जान दे दी। परिवार की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल के मानव महाजन ने शव का अंतिम संस्कार कराया। साथ ही बच्चों को पढ़ाने व शादी का जिम्मा लिया।
35 वर्षीय सतीश कुमार मामू भांजे स्थित एक किराए के मकान में पांच बच्चों (एक बेटा, चार बेटी) और पत्नी बेबी के साथ रहता था। तीन माह पहले वह फालिज (पैरालाइसिस) से ग्रस्त हो गया। इससे शरीर के अंग काम करना बंद कर गए और उसकी एक प्राइवेट स्कूल में बस चालक की नौकरी चली गई। इससे परिवार के सामने खाने पीने का संकट आ गया। पत्नी बेबी ने घर का जिम्मा संभालते हुए घर-घर जाकर चौका-चूल्हा करना शुरू कर परिवार का पालन पोषण शुरू किया। इस बीच दंपती में अनबन भी होने लगी। रविवार को पत्नी काम करने गई थी। बच्चे बाहर खेल रहे थे। तभी सतीश ने खुद को कमरे में बंद कर फांसी लगा ली। बच्चे वापस लौटे तो पिता को फंदे पर लटका देख चीख निकल गई। पड़ोस के लोग घटना को देख सन्न रह गए। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव फंदे से उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साथ ही पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें उसने पत्नी द्वारा उस पर शक करने का जिक्र किया है। इसको लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। इंस्पेक्टर गांधीपार्क के मुताबिक पड़ोसियों ने पति-पत्नी के बीच अनबन होने की जानकारी दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी लगाकर आत्महत्या करना आया है। परिवार के पास शव का अंतिम संस्कार करने के लिए भी रुपये नहीं थे। इसलिए अलीगढ़ उद्योग मंडल के लोगों ने पहुंचकर परिवार की मदद की।
दोनों परिवारों का लिया जिम्मा
मानव महाजन ने बताया कि अलीगढ़ उद्योग व्यापार मंडल ने मृतक चाय वाले और सतीश के परिवारों की मदद करने का निर्णय लिया, जिसमें दोनों ही परिवार के बच्चों की शिक्षा का पूर्ण रूप से खर्चा उठाने एवं उनके परिवारों को एक निश्चित धनराशि देकर प्रतिमाह उनकी आजीविका चलाने का निर्णय लिया है। इस दौरान मंडल अध्यक्ष मुनेंद्र वार्ष्णेय, पंकज धीरज, अजय लिथो, ऋषभ गर्ग, विशाल गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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