दुकान करने वालीं जनमसुत ने बताया कि उन्होंने दुकान किसी अन्य व्यक्ति से खरीदी थी और वह तीसरी खरीदार हैं। भारत सांवरिया के मुताबिक, उन्होंने रिंकू नाम के व्यक्ति से दुकान किराये पर ली थी। दुकान पर अतिक्रमण है या नहीं, इसकी जानकारी संबंधित व्यक्ति ही दे सकता है।
अलीगढ़ के सूतमिल बीमा नगर में शुक्रवार को प्रेमी पराठा समेत सात दुकानों पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान दुकानदारों ने बिना पूर्व सूचना और नोटिस दिए दुकानें खाली कराने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि वे अपने स्वामित्व और किराये से जुड़े दस्तावेज लेकर मौके पर पहुंचे, लेकिन किसी ने कागजात देखने तक की जहमत नहीं उठाई। कार्रवाई के दौरान बन्नादेवी थाना पुलिस और पीएसी तैनात रही।
विज्ञापन
दुकान करने वालीं जनमसुत ने बताया कि उन्होंने दुकान किसी अन्य व्यक्ति से खरीदी थी और वह तीसरी खरीदार हैं। भारत सांवरिया के मुताबिक, उन्होंने रिंकू नाम के व्यक्ति से दुकान किराये पर ली थी। दुकान पर अतिक्रमण है या नहीं, इसकी जानकारी संबंधित व्यक्ति ही दे सकता है। उनका आरोप है कि उन्हें अचानक दुकान खाली करने को कह दिया गया। कार्रवाई करने पहुंचे लोगों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि वे किस विभाग से आए हैं।
20 साल पुरानी दुकान का बैनामा होने का दावा
विज्ञापन
दुकानदार राजवीर सुमन उर्फ पप्पू ने कहा कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है और दुकान से संबंधित मामला अदालत में विचाराधीन है। वहीं, प्रेमी पराठा के संदीप ने बताया कि उनकी दुकान का पूरा बैनामा है और वह करीब 20 साल से यहां कारोबार कर रहे हैं। उनके अनुसार, कार्रवाई करने वाले लोग अदालत से केस जीतने की बात कह रहे थे, जबकि उन्हें पहले कोई सूचना नहीं दी गई। संदीप का आरोप है कि दस्तावेज दिखाने के बावजूद उन्हें देखने से इन्कार कर दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई से किया इन्कार
मामले में एसडीएम कोल, एडीए और नगर निगम की ओर से अपने स्तर से कार्रवाई किए जाने से इन्कार किया है। बन्नादेवी थाना प्रभारी निरीक्षक हरिभान ने बताया कि पुलिस बल अदालत के आदेश पर मौके पर गया था। उनके मुताबिक, कार्रवाई के समय कोई प्रशासनिक मजिस्ट्रेट मौजूद नहीं था और पुलिस की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई।