सुरक्षा विहार कॉलोनी वाले घर पर बिलखते हुए पत्नी और बेटे की मौत पर गमजदा पिता व पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद अधिवक्ता छोटे भाई ने बताया कि परिवार में सब कुछ हंसी खुशी चल रहा था। रात 11 बजे टीपी सिंह ने छोटे भाई को फोन किया था। व्हाट्सएप कॉल पर बात करते हुए हालचाल पूछा और फिर किसी प्राॅपर्टी के बैनामे का जिक्र किया। छोटे भाई ने यह भी कहा कि अचानक क्या हो गया आपको? कोई बात है क्या? क्यों पूछ रहे हो। मगर टीपी सिंह ने जवाब नहीं दिया। इसी तरह जब घर आए तो पत्नी से खाना बनने की बात पूछकर समय से स्कूल जाने की हिदायत दी। कुछ देर बाद ही पत्नी से फोन पर पूछा कि रायफल वाले संदूक की चाबी कहां रखी है। पत्नी ने भी सामान्य भाव से जवाब दे दिया। मगर किसी को नहीं पता था कि जो रायफल काफी समय से नहीं चली है। वही आज टीपी सिंह की जान ले लेगी। यह रायफल पैतृक पते पर टीपी सिंह के नाम दर्ज लाइसेंस पर खुद उन्होंने खरीदी थी।
अलीगढ़ में किसी को न लगी भनक, बुलंदशहर पहले पहुंची खबर
हैरान करने वाली बात है कि आत्महत्या का सुसाइड नोट वायरल होने के चलते अलीगढ़ में इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। जब साथियों ने यह नोट देखा तो फोन मिलाना शुरू किया। जब टीपी सिंह से संपर्क नहीं हुआ तो एक साथी ने उनके पिता का फोन मिलाया। इसके बाद पत्नी से बात हुई। तब सभी लोग सुरक्षा विहार पहुंचे। जहां अंदर से दरवाजा बंद था। इस पर पुलिस बुलाई गई। तब जाकर घटना से पर्दा उठा। सूचना पर सभी भाई और बच्चे भी यहां पहुंच गए। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव ले जाया गया। जहां शाम को अंतिम संस्कार किया गया।
घटनाक्रम एक नजर में
- रात 11 बजे तक सीबीआई पूछताछ के बाद कमरे पर पहुंचे टीपी सिंह।
- सुबह 05 बजे अचानक बिना मकान स्वामी को बताए निकले
- सुबह 06 बजे अपने घर पर पहुंचकर पत्नी से बातचीत की
- सुबह 07 बजे पत्नी को समय से स्कूल जाने की बात कहकर भेजा
- सुबह 07:40 बजे व्हाट्सएप ग्रुप पर सुसाइड नोट को वायरल किया
- सुबह करीब 08 बजे साथियों ने फोन मिलाना शुरू किया, फोन नहीं मिला
- सुबह 9:15 बजे पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, पुलिस पहुंची