पार्टी की पकड़ मजबूत बनाने के लिए बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर जाट समुदाय पर भरोसा दिखाया है। इससे पहले लोकसभा चुनाव 2019 में पार्टी ने जाट समुदाय से अजित बालियान को मैदान में उतारा था, हालांकि वह दूसरे नंबर पर रहे थे। अब पार्टी की भाई चारा कमेटी के लिए धर्मवीर चौधरी को पांच मंडलों की जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि विधानसभा चुनाव 2022 से पहले पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत हो सके। मूल रूप से हाथरस के सादाबाद निवासी धर्मवीर चौधरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पांच मंडलों की भाईचारा कमेटी का संयोजक बनाया गया है। इसमें मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद मंडल शामिल हैं, जिसमें जाट समुदाय का बड़ा वोट बैंक है।
धर्मवीर चौधरी कहा कि पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने जो उनको जो जिम्मेदारी दी है, उसका कर्तव्यपूर्ण निर्वहन करेंगे। पार्टी की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए मेहनत से प्रत्याशियों को जिता कर मायावती को पांचवी बार प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाएंगे। धर्मवीर चौधरी पूर्व में गाजियाबाद के जिला महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष एवं गाजियाबाद एवं हापुड़ और हाथरस के जिला प्रभारी भी रह चुके है। अलीगढ़ मंडल के मुख्य सेक्टर प्रभारी सूरज सिंह ने बताया कि धर्मवीर चौधरी के साथ गाजियाबाद निवासी विजय कुमार को भी तैनात किया गया है। दोनों नेता पार्टी की भाईचारा कमेटी के माध्यम से संगठन को मजबूत करेंगे। जिसका पार्टी को विधानसभा चुनाव में लाभ होगा।