स्मार्ट सिटी के अंतर्गत करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित बारहद्वारी शापिंग कांप्लेक्स पर रोक लगाने से महत्वाकांक्षी परियोजना खटाई में पड़ने की आशंका है। बारहद्वारी स्थित नगर निगम की जमीन पर स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत शॉपिंग कांप्लेक्स कम पार्किंग प्रस्तावित है। शासन को प्रस्तावित परियोजना में दुकानों पर आपत्ति है। शासन पार्किंग बनाने के पक्ष में तो है, लेकिन करोड़ों रुपये खर्च कर दुकानें बनाने पर एतराज है। परियोजना के अंतर्गत मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में तीन फ्लोर पर पार्किंग और दो फ्लोर पर दुकानें प्रस्तावित है। उत्तरप्रदेश राजकीय निर्माण निगम निर्माण एजेंसी है।
सिर्फ पार्किंग से समझौते का उल्लंघन
बारहद्वारी शॉपिंग कांप्लेक्स बनाने के लिए नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी लि. में एमओयू साइन हुआ है। नगर निगम एवं स्मार्ट सिटी लि. के बोर्ड द्वारा उसका अनुमोदन किया गया है। समझौते के अनुसार नगर निगम की जमीन पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग एवं पार्किंग बनने हैं। अब समझौता तोड़ कर सिर्फ पार्किंग स्थल नहीं बनाया जा सकता है।
परियोजना को बचाने के लिए अधिकारी लगा रहे एड़ी-चोटी का जोड़
परियोजना को बचाने के लिए स्मार्ट सिटी, नगर निगम एवं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के अधिकारी एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। यूपी राजकीय निर्माण निगम द्वारा लखनऊ में शासन के समक्ष प्रजेंटेशन भी दिया जा चुका है। इसका असर शासन पर हुआ भी है। शासन द्वारा नए सिरे से प्रोजेक्ट मांगा गया है। स्मार्ट सिटी एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारी प्रोजेक्ट बनाने में जुटे हैं।
जनवरी 2020 में हुआ था भूमि पूजन
जनवरी 2020 में तत्कालीन नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल के समय में बारहद्वारी शॉपिंग कांप्लेक्स का भूमि पूजन हुआ था। भूमि पूजन के दौरान वहां लगाए गए बैनर पर महापौर मो. फुरकान का फोटो एवं नाम गायब होने पर स्मार्ट सिटी की किरकिरी भी हुई थी। बैनर पर विधायक संजीव राजा का फोटो एवं नाम जरूर अंकित था। महापौर ने इशारे-इशारे में विरोध भी दर्ज कर दिया था। बाद में नगर आयुक्त बनकर आए प्रेमरंजन सिंह ने भी शॉपिंग कांप्लेक्स का भूमि पूजन किया था। वर्तमान मंडलायुक्त गौरव दयाल भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद गंभीर है।
बारहद्वारी शॉपिंग कांप्लेक्स पर शासन ने रोक लगा दी है। शासन को दुकानें बनाने पर आपत्ति है। पार्किंग बनाने पर किसी तरह का एतराज नहीं है। शासन के समक्ष परियोजना से संबंधित पक्ष रख दिया गया है। नए सिरे से प्रस्ताव बनाकर विचार के लिए मांगा गया है। शॉपिंग कांप्लेक्स की उम्मीद अभी खत्म नहीं हुई है।
- प्रेमरंजन सिंह, नगर आयुक्त
प्रोजेक्ट पर रोक से व्यवसायी दुखी.....
बारहद्वारी में शॉपिंग कांप्लेक्स बनने से शहर में चार-चांद लग जाता। इस पर रोक लगने की बात सुनकर मन दुखी है।
- राजीव ख्यालीराम, व्यापारी
शॉपिंग कांप्लेक्स पर रोक की खबर से मन व्यथित है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। शहरवासी उम्मीद के साथ इस प्रोजेक्ट को देख रहे थे।
- जयगोपाल वीआईपी, व्यापारी
शॉपिंग कांप्लेक्स बनने से बारहद्वारी एवं आसपास के क्षेत्रों को जाम की समस्या से निजात मिलती। इस पर रोक दुखद है।
- दीपक वार्ष्णेय, युवा व्यापारी
शॉपिंग कांप्लेक्स के निर्माण पर रोक से शहरवासियों के उम्मीदों को झटका लगा है। परियोजना पूरा होने पर कई तरह की समस्याओं से मुक्ति मिलती।
- अवनीश चंद्र वार्ष्णेय, व्यापारी