श्रीकृष्ण की बहन कृष्णा की शादी पलवल में हुई थी। कुछ समय पूर्व कृष्णा के ससुर की मृत्यु हो गई थी। ससुर ने पलवल में डेढ करोड़ रुपये की एक जमीन बेची थी। चर्चा है कि 75 लाख रुपये पिता राजपाल शर्मा ने बेटी कृष्णा से उधार लिए थे। जिसमें विजय कुमार ने कस्बा खैर में 25 लाख रुपये का मकान खरीद लिया। 15 लाख रुपये अपने साले जितेंद्र उर्फ पिंकी को दे दिए थे। जबकि पिता ने 35 लाख रुपये अपने कर्जे में चुका दिए। बेटी अपने उधार दिए रुपये वापस मांग रही थी। पिता राजपाल शर्मा बेटी के नाम पर 15 बीघा खेत का बैनामा करा रहे थे। इसमें दो पुत्र बैनामा कराने का विरोध कर रहे थे। इसमें पिता के साथ दोनों के मारपीट करने की भी गांव में चर्चा है।
इससे नाराज पिता ने राधाकृष्ण व मदनमोहन को अपनी संपत्ति से बेदखल कर दिया। आरोप है कि विजय व राधाकृष्ण गांव में 60 बीघा खेत को जबरन जोत रहे थे। वे किसी अन्य भाई को हिस्सा नही देते थे। खेत पर पिता के नाम से लगे नलकूप के तार राधाकृष्ण ने हटा दिए थे। लाइनमैन सूरज तार जोड़ने गया तो किसी की सूचना पर खैर से विजय व राधाकृष्ण हथियार लेकर खेत पर पहुंचे। इसी बीच हुई फायरिंग में एक गोली श्रीकृष्ण के सीने में जा लगी। अलीगढ़ में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा। जहां देर शाम गमगीन भरे माहाैल में भतीजे प्रशांत ने चाचा श्रीकृष्ण को मुखाग्नि दी।
दो साल के मासूम से उठा पिता का साया
चार भाइयों में तीसरे नंबर के श्रीकृष्ण की हत्या के बाद दो साल के मासूम बेटे गोविंद से उसके पिता का साया उठ गया। श्रीकृष्ण की करीब चार साल पहले विपिन उपाध्याय से शादी हुई थी। हत्या के बाद पत्नी विपिन कई बार बेसुध हो गई। मां कुसुम देवी, बहन प्रभा, कृष्णा, राजेश का रो-रोकर बुरा हाल था।
जमीन के बंटवारे को लेकर सगे भाईयों में हुए विवाद में तमंचे से चली गोली से हत्या की गई है। थाने में तीन नामजद व दो अज्ञात समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मृतक की पत्नी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जल्द ही पकड़ा जाएगा।- मुकेश चंद्र उत्तम, एसपी देहात