स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदहाल बॉक्सिंग रिंग खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। जर्जर रिंग पर अभ्यास के दौरान कई बार खिलाड़ी घायल भी हो जाते हैं। सुविधाओं के अभाव में कई खिलाड़ी तो अन्य शहरों में जाकर तैयारी कर रहे हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि जर्जर रिंग पर अभ्यास के दौरान उन्हें अक्सर चोट लग जाती है, जिससे प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा है। स्टेट स्तर की खिलाड़ी मुस्कान कश्यप, वैशाली शर्मा, युग शर्मा और शशांक वार्ष्णेय समेत कई बॉक्सर प्रतियोगिताओं की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खिलाड़ियों और अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द बॉक्सिंग रिंग ठीक कराने की मांग की है। क्रीड़ा अधिकारी राम मिलन का कहना है कि बॉक्सिंग रिंग की मरम्मत कार्यदायी संस्था के माध्यम से जल्द कराई जाएगी।
बता दें कि बॉक्सिंग रिंग के जीर्णोद्धार के लिए 17 जनवरी को तत्कालीन डीएम संजीव रंजन ने 107.40 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कराकर प्रस्ताव उत्तर प्रदेश कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के माध्यम से भेजा था, लेकिन करीब चार महीने बीत जाने के बावजूद रिंग की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
-बोले-खिलाड़ी-
स्टेडियम की बाक्सिंग रिंग खराब होने से नियमित अभ्यास प्रभावित हो रहा है। मजबूरी में बाहर जाकर प्रैक्टिस करनी पड़ रही है।
मुस्कान कश्यप, स्टेट बॉक्सर, बरौला
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन बदहाल रिंग के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वैशाली शर्मा, स्टेट खिलाड़ी, देहली गेट
प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए अच्छी रिंग जरूरी है। बाहर जाकर अभ्यास करने में समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं।
युग शर्मा, स्टेट बॉक्सर, प्रिंस कॉलोनी
खिलाड़ियों के भविष्य को देखते हुए स्टेडियम की रिंग जल्द ठीक कराई जानी चाहिए। जर्जर रिंग पर अभ्यास के दौरान कई बार चोट भी लग जाती है।
शशांक वार्ष्णेय, स्टेट खिलाड़ी, मसूदाबाद