अलीगढ़ मुस्लिम विवि की मौलाना आजाद पुस्तकालय में बुक फेयर लगाया। जिसमें देश भर के सूचीबद्ध और स्वीकृत प्रकाशकों, विक्रेताओं और पुस्तक विक्रेताओं के 35 स्टालों को लगाया गया। जिसमें छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों, पुस्तक प्रेमियों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों का चयन किया।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की मौलाना आजाद लाइब्रेरी ने बुक फेयर लगाया। जिसमें छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी सदस्यों, पुस्तक प्रेमियों ने अपनी पसंदीदा पुस्तकों का चयन किया। इस बार यह एक दिनी था, पर अगले वर्ष से कम से कम दो दिन बुक फेयर लगाने की प्लानिंग है।
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बुक फेयर मौलाना आज़ाद पुस्तकालय के हरे-भरे लॉन में शुरू हुआ। एएमयू कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने मेला का उद्घाटन किया। इसमें विभिन्न विषयों में प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशकों के महत्वपूर्ण प्रकाशनों को प्रदर्शित किया गया। जहाँ विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र, शोधार्थी और संकाय सदस्य अपनी पसंद की किताबें ब्राउज़ करने और खरीदने के लिए आए।
कुलपति प्रो तारिक मंसूर ने कहा कि किताबों की अपनी महिमा और महत्व होता है और विज्ञान के अनुसार किताबें पढ़ने से मन और स्वास्थ्य पर बेहतर प्रभाव पड़ता है। रजिस्ट्रार मुहम्मद इमरान ने कहा कि कोई भी तकनीक किताबों के महत्व को कम नहीं कर सकती है। किताबों से ही समाज में बदलाव आता है।
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लाइब्रेरियन प्रो निशात फातिमा ने बताया कहा कि बुक फेयर का उद्देश्य पाठक और पुस्तक को एक छत के नीचे लाना था। इस तरह के आयोजन न केवल छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के लिए खरीद के लिए पुस्तकों का चयन बल्कि पुस्तकालय पेशेवरों के लिए भी बहुत मददगार होते हैं।
प्रदर्शनी के डिप्टी लाइब्रेरियन और समन्वयक डा हबीबुर रहमान खान ने कहा कि देश भर के सूचीबद्ध और स्वीकृत प्रकाशकों, विक्रेताओं और पुस्तक विक्रेताओं के 35 स्टालों को लगाया गया।