गांव के ही दो बच्चों के मुंडन संस्कार में गया संदीप स्नान करते समय सांकरा गंगा में डूब गया था। आठवीं बटालियन पीएसी बरेली की 15 सदस्यीय बाढ़ आपदा टीम, एसडीआरएफ मुरादाबाद की 15 सदस्यीय टीम और बुलंदशहर से बुलाए गए निजी गोतोखोर संदीप की तलाश जुटे हुए थे। 41 घंटे बाद संदीप का शव मिल गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
नगरिया जाहर निवासी 22 वर्षीय संदीप 6 अप्रैल को गांव के ही रघुवेश के बेटों दिव्यांश और साहिल के मुंडन संस्कार में शामिल होने के लिए अन्य ग्रामीणों के साथ सांकरा गया था। दोपहर करीब 12 बजे सांकरा गंगा नदी में स्नान करने के दौरान वह डूब गया। वहां मौजूद ग्रामीणों ने बुलंदशहर से निजी गोताखोर बुलाए थे, जिन्होंने गंगा नदी में संदीप की तलाश की। प्लाटून कमांडर मुनिराज के नेतृत्व में आठवीं बटालियन पीएसी बरेली से 15 सदस्यीय बाढ़ आपदा टीम बुलाई थी, जिसने भी तलाश की। फिर मुरादाबाद से भी एसडीआरएफ की 15 सदस्यीय टीम पहुंची, जिसने गंगा नदी में डूबे युवक की तलाश की।
आज सुबह 5 बजे मिला संदीप का शव
आज 8 अप्रैल की सुबह 5 बजे संदीप का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। संदीप के शव मिलने के बाद परिजनों की उम्मीद खत्म हो गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
संदीप को बचाने में डूबे थे अन्य तीनों युवक
रिंकू, देवेंद्र और नितेश के अनुसार गंगा में स्नान करते समय संदीप डूबने लगा। उसने बचाने की आवाज लगाई। वह लोग कुछ दूरी पर ही स्नान कर रहे थे। आवाज सुनकर वह संदीप को बचाने के लिए आगे बढ़े। वह कुछ कर पाते इससे पहले वह भी गहराई में पहुंच जाने के कारण डूब गए थे। इन तीनों को घाट पर दुकान लगाए स्थानीय गोताखोरों ने दौड़कर बाहर निकाल लिया था।