रविवार को हुए मतदान के बाद प्रत्याशियों ने अपनी थकान उतारी। सोमवार को वे देर से सोकर उठे। परिजनाें के साथ कुछ वक्त गुजारा, घर परिवार के कामकाज देखे और उसके बाद अब तक हुए खर्च पर दिमाग लगाया। मन में चुनाव के नतीजे, नतीजों के बाद बनने-बिगड़ने वाली सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा के सवाल कौंधते रहे। शरीर की थकान तो उतर गई, लेकिन दिमागी घोड़े राजनीति के ट्रैक पर सरपट दौड़ते रहे। दोपहर बाद खाना खाकर तैयार हुए, तो मुख्य चुनाव एजेंट और कुछ खास कार्यकर्ताओं से मुलाकात हुई। मतगणना की तैयारियों पर चर्चा हुई, तो ईवीएम की सुरक्षा निगरानी पर भी माथापच्ची हुई। आखिर नतीजा क्या होगा..? कुछ जीत के प्रति आश्वस्त हैं, तो कुछ के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिख रही हैं।
बहुत दिनों बाद पढ़ा अखबार
भाजपा के मेयर प्रत्याशी डॉ. राजीव अग्रवाल को बहुत दिनों के बाद फुर्सत से अखबार पढ़ने की फुर्सत मिली। चुनाव संपन्न होने के अगले दिन वह सुबह छह बजे उठ गए। स्नान व पूजा आदि के बाद शांति से बैठकर अखबार के पन्ने पलटे। हालांकि इस दौरान कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। व्यस्तता से फुर्सत निकालकर डाक से संबंधित पेंडिंग कार्यों को निपटाया। कार्यकर्ताओं के साथ चाय के साथ चुनाव पर चर्चा की और पार्टी के निर्देश पर चुनाव प्रचार करने बुलंदशहर एवं डिबाई के लिए रवाना हो गए।
मामा-मामी संग बिताया वक्त
कांग्रेस के मेयर प्रत्याशी मधुकर शर्मा सुबह 11 बजे सोकर उठे। इसके बाद वह अमेरिका से आए अपने मामा डा. राजेश शर्मा और मामी रंजना शर्मा से मिले। मामा-मामी खासतौर पर उनसे मिलने आए हैं। मधुकर ने बताया कि बेटी महक मतदान के लिए नोएडा की एमिटी यूनिवर्सिटी से आ गई थी। पत्नी शीतल शर्मा के साथ भी वक्त बिताया। उनका कहना था कि मैंने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल को बता दिया था कि मामा-मामी विदेश से आए हैं। इसीलिए दो दिन व्यस्त रहूंगा। मुझे यकीन है कि कांग्रेस की जीत होगी।
व्यापार, परिवार पर दिया ध्यान
सपा से मेयर पद के प्रत्याशी मुजाहिद किदवई ने भी अपनी कई दिनों की थकान उतारी। इसके बाद कामकाज देखा। निशात गन हाउस और हार्डवेयर सहित दूसरे कामों की जानकारी ली। बेटे अरेज के साथ चुनावी खर्च पर चर्चा की। इसके बाद पत्नी निशात के साथ एक कप चाय पीकर घर परिवार का हाल जाना। इसके बाद कार्यकर्ताओं से फोन पर बात कर बूथवार पड़े मतों की जानकारी के अनुसार मोहल्लेवार समीक्षा करने को कहा। शहर विधायक जफर आलम और महानगर अध्यक्ष अज्जू इसहाक से बात की। बोले.. सपा की जीत होगी।
सवा माह की बेटी संग खेले
रालोद के मेयर पद के प्रत्याशी प्रतीक चौधरी सुबह देर तक सोए। जागने के बाद पत्नी और बेटी के साथ समय बिताया। लगभग एक महीने पहले ही उनके परिवार में मनी का जन्म हुआ। 10 नवंबर को उसका नामकरण हुआ। सोमवार को जब फुर्सत मिली तो उसके साथ खेले और उसको दुलारा। बोले.. बेटी के कदम बहुत शुभ हैं, जो मुझे मेयर का चुनाव लड़ने का मौका मिला। अब राजनीति में आगे बढ़ना है। दोपहर बाद तक घर में रहने के बाद वह रालोद के नेता जिर्याउहमान से मिले और कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव का आंकलन किया।
एक माह बाद दिया बेटे को वक्त
आम आदमी पार्टी की मेयर प्रत्याशी मोनिका थापर ने बेटे माधव, पति विशाल समेत परिवार को पूरा समय दिया। चुनाव के दौरान बेटे को सिर्फ स्कूल छोड़ने जाती थीं। बाकी वक्त प्रचार में गुजरता था। जब तक वह घर आती थीं, तब तक बेटा सो चुका होता था। एक-दो दिन बाद फिर से सामाजिक कार्यों की मुहिम शुरू हो जाएगी। बोलीं.. इस चुनाव में जनता का अपार स्नेह मिला है। उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है, बल्कि पाना ही पाना है। वह हिंदू-मुस्लिम के लिए नहीं, अलीगढ़ के विकास के लिए चुनाव मैदान में थीं।
डीएम से मिले फुरकान
बसपा प्रत्याशी मो. फुरकान परिजनों के साथ कुछ वक्त गुजार कर चुनाव कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने चुनाव एजेंट और जोन कोआर्डिनेटरों से बात की। इसके बाद बसपा की टीम जिलाधिकारी से मिलने गई और निष्पक्ष मतगणना की मांग की। डीएम ने उनको आश्वस्त किया कि हर हाल में निष्पक्ष मतगणना होगी। चुनाव कार्यालय पर पूरे दिन मतदान की बूूथवार समीक्षा होती रही। ईवीएम की निगरानी के लिए एक टीम बनाई गई। समर्थकों ने कहा कि बूथवार मतदान प्रतिशत के अनुसार बसपा चुनाव जीत रही है। भाजपा का मिथक टूट जाएगा।