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भाजयुमो जिलाध्यक्ष का रिकवरी एजेंट से हुआ था विवाद

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भाजयुमो जिलाध्यक्ष धर्मवीर लोधी को मोबाइल पर धमकी के मामले में नया खुलासा हुआ है। उनको किसी ने धमकी नहीं दी, बल्कि फाइनेंस रिकवरी एजेंट से उनका विवाद हुआ था। विवेचना में यह तथ्य उजागर होने पर मामले में अधिकारियों से निर्देश प्राप्त किए जा रहे हैं। पुलिस को झूठी सूचना देने पर भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर कार्रवाई हो सकती है।
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भाजयुमो जिलाध्यक्ष बरहेती क्वार्सी निवासी धर्मवीर सिंह लोधी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके मोबाइल पर 24 व 26 जून को अलग अलग नंबरों से फोन आए। उधर से महिला ने गाली गलौज करते हुए हर महीने पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। न देने पर जान माल की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमे में सर्विलांस की मदद से जब जांच की तो पाया कि यह फोन उन्हें एक्सिस बैंक की रिकवरी कंपनी की एजेंट ने नोएडा से की है। पुलिस उस तक पहुंची, वहां हुई पूछताछ व जांच में पता चला कि धर्मवीर लोधी के बेहद करीबी मित्र सुनील पर क्रेडिट कार्ड का बकाया है। वह अब कंपनी का न तो नंबर उठाते हैं और न रुपया जमा करते हैं। कंपनी एजेंट ने जब सुनील के करीबी लोगों के नंबर तलाशे तो उसमें धर्मवीर लोधी का नंबर मिला। इस पर धर्मवीर लोधी को फोन कर बस अपने मित्र से रुपये दिलाने के लिए कहा गया। इसी बात पर वे भड़क गए और दोनों ओर से बहस हुई। सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय के अनुसार यह किसी तरह के धमकी या रंगदारी का मामला नहीं है। जांच में स्पष्ट हो गया है। अब अधिकारियों के निर्देश पर इसमें धर्मवीर लोधी के खिलाफ झूठी सूचना देने में कार्रवाई हो सकती है।
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