भाजपा सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर को एक बार फिर से पत्र लिखा है। पत्र के जरिए उन्होंने वीसी और रजिस्ट्रार आईपीएस अधिकारी अब्दुल हमीद पर कई सवाल उठाए हैं।
सांसद ने लिखा है कि एएमयू में संचालित हो रहीं गतिविधियां बेहद आपत्तिजनक एवं अशोभनीय हैं। देखने में आ रहा है कि पूरा विश्वविद्यालय अराजक तत्वों की गिरफ्त में है। जहां एक ओर विश्वविद्यालय प्रशासन का नैतिक दायित्व शैक्षणिक गतिविधियों को सुचारू रूप से चलाने का है।
उन्होंने आगे लिखा, छात्रों का भी दायित्व अपनी शिक्षा को पूर्ण कर समाज में योगदान देना होना चाहिए। लेकिन इसके उलट न तो कुलपति स्वयं और न ही विवि प्रशासन, अध्यापकगण और छात्र इसके अनुरूप कार्य कर रहे हैं बल्कि पूरे वातावरण को बेहद जहरीला बनाने में अपना योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय से एक ऐसा संदेश भेजा जा रहा है जैसे यह शिक्षा का केंद्र न होकर केवल और केवल देश विरोधी गतिविधियों का मंच बना हुआ है। पूरे देश से कोई भी सरकार विरोधी, देश विरोधी, संविधान विरोधी एएमयू आता है, वह अपनी मनमानी करके चला जाता है।
उन्होंने लिखा, विश्वविद्यालय उन सभी का हार्दिक स्वागत क्यों करता है..? और क्यों इसमें अपनी शान समझता है..? विश्वविद्यालय में भारतीय पुलिस सेवा के एक अधिकारी को भी उच्च पद पर इसलिए नहीं नियुक्त किया गया कि वह आंख पर पट्टी बांधकर असामाजिक गतिविधियों को होते देखता रहे।
सांसद ने आगे कहा है कि इसलिए वह यह अपेक्षा करते हैं कि विश्वविद्यालय के वर्तमान हालात को देखते हुए कठोर निर्णय लें, क्योंकि चंद अराजक तत्वों के कारण हजारों छात्रों का शैक्षणिक सत्र बर्बाद होते नहीं देख सकते।