अलीगढ़ में टप्पल क्षेत्र के गांव जहानगढ़ के बहुचर्चित भाजपा नेता ज्ञानचंद्र शर्मा उर्फ ज्ञानी हत्याकांड में एक वर्ष के बाद बहस की प्रक्रिया शुरू हो गई। मुकदमा अब सत्र न्यायाधीश की अदालत में पहुंच गया है। जहां 6 मार्च को भी बहस हुई। शेष बहस के लिए बृहस्पतिवार की तारीख नियत की गई है। बता दें कि इस हत्याकांड में वर्तमान में भाजपा में सक्रिय पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी साजिश के आरोपी हैं।
घटना वाली शाम 25 अगस्त 2014 को ज्ञानी अपनी गाड़ी से गांव लौट रहे थे। तभी उनकी हत्या की गई। इस दौरान ज्ञानी का साथी राजू जख्मी हुआ था। तत्कालीन एसएसपी मोहित गुप्ता ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया था कि यह हत्या तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी ने कराई है। जिसमें कहा कि ज्ञानी से टप्पल सहकारी समिति चुनाव में योगेंद्र व बल्ली ने खुन्नस मान ली थी। इधर, अब अपने बढ़ते सियासी रसूख के चलते ज्ञानी उस जिला पंचायत वार्ड से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था, जिससे खुद सुधीर चुनाव लड़ते हैं। आरोप है कि इसी क्रम में सुधीर के इशारे पर अन्य लोगों ने यह हत्या की है। इस मामले में सुधीर शुरुआत से कहते रहे कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया गया है। आरोप निराधार है। इसी दलील के साथ वे पहले जिला पुलिस से लेकर शासन तक गए। बाद में पुलिस आरोप और चार्जशीट के खिलाफ हाईकोर्ट तक गए। जब कहीं से राहत नहीं मिली तो उन्होंने सरेंडर किया।
अब प्रतिदिन होगी बहस
इस मामले में अभियोजन अधिवक्ता डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह बताते हैं कि मुकदमे में हत्याकांड से जुड़े सभी एक दर्जन गवाहों की गवाही पिछले वर्ष हो चुकी थी। आरोपियों के बयान के बाद बहस की प्रक्रिया शुरू होने पर आरोपी पक्ष ने स्थानांतरण अर्जी दायर कर दी। अलग-अलग अदालतों में होता हुआ मुकदमा अब पिछले शुक्रवार को सत्र न्यायालय में पहुंच गया। जहां बहस की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 6 मार्च को वादी पक्ष से उन्होंने व विनोद शर्मा एडवोकेट ने बहस की। शेष बहस के लिए 7 मार्च की तारीख नियत की गई है। उनका प्रयास है कि जल्द बहस पूरी कराकर मुकदमे का निस्तारण कराया जाए।
कब, क्या हुआ
- 25 अगस्त 2014 को जहानगढ़ गांव के प्रधानपति ज्ञानचंद्र उर्फ ज्ञानी की हत्या
- 31 अगस्त को तीन आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड का खुलासा किया
- 2014 के अंत तक इस हत्याकांड के दो मुख्य आरोपी बल्ली और योगेंद्र गए जेल
- 30 मार्च 2015 को इस मुकदमे में पुलिस ने एक पार्ट में चार्जशीट दायर की थी
- 3 जून 2015 को सुधीर चौधरी को साजिश का आरोपी करार देकर चार्जशीट दी
- अक्तूबर 2015 में हाईकोर्ट ने दिए सुधीर चौधरी को कोर्ट में हाजिरी के निर्देश
- 19 अक्तूबर 2015 को सुधीर चौधरी ने जिला पंचायत अध्यक्ष रहते किया सरेंडर