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Aligarh: एएमयू गेट पर पहुंचे भाइपाई, देख उग्र हुए अमुवि छात्र, जैसे-तैसे संभाले हालात

Fri, 28 Jul 2023 03:41 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

जब भाजयुमो नेता एएमयू गेट तक पहुंचे और सामने से छात्र आ गए। दोनों ओर से धार्मिक नारेबाजी के चलते धक्का-मुक्की के बीच टकराव के हालात बने तो बमुश्किल पंद्रह मिनट के प्रयास में पुलिस व प्रॉक्टोरियल टीम ने भाजयुमो नेताओं को वहां से भगाया। अन्यथा हालात बिगड़ सकते थे।
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एएमयू छात्रों ने बाबे सैयद गेट को किया बंद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सुलेमान हॉल में एक बाहरी युवक को ले जाकर पीटने की घटना का वीडियो वायरल होने के बाद एएमयू के गेट पर जो कुछ हुआ। वह बेशक क्षणिक रहा। मगर वर्ष 2018 की घटना को याद कर कुछ देर को सभी सिहर उठे थे। वह तो गनीमत कि जब आज भाजयुमो नेता एएमयू गेट तक पहुंचे और सामने से छात्र आ गए। दोनों ओर से धार्मिक नारेबाजी के चलते धक्का-मुक्की के बीच टकराव के हालात बने तो बमुश्किल पंद्रह मिनट के प्रयास में पुलिस व प्रॉक्टोरियल टीम ने भाजयुमो नेताओं को वहां से भगाया। अन्यथा हालात बिगड़ सकते थे। हालांकि इसके बाद करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक एएमयू छात्र गेट बंद कर हंगामा करते रहे। बाद में उन्हें जैसे तैसे समझाकर व कार्रवाई का आश्वासन देकर वहां से शांत किया गया।

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दोपहर में थाने पहुंचे युवा भाजपाइयों की जब पुलिस से तडक़ा-भडक़ी हो गई तो वे आवेश में आकर एएमयू के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पैदल कैंपस की ओर चल पड़े। हालांकि पीछे पीछे पुलिस थी। मगर अंदेशा था कि सर्किल तक ही पहुंच पाएंगे। मगर उनमें से कुछ युवा नेता प्रशासनिक कार्यालय तक नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। उधर से नारेबाजी होते देख एएमयू से छात्र निकल आए और उन्होंने भी नारेबाजी शुरू कर दी। दोनों आमने-सामने आ गए और धक्का-मुक्की तक शुरू हो गई। हालांकि पुलिस तत्काल बीच में आ गई। दोनों को खींचकर अलग किया गया और प्रॉक्टर टीम भी आ गई। दोनों ओर से गाली-गलौज शुरू हो गई। 

बाद में युवा भाजपाइयों को वहां से एसपी सिटी ने जैसे तैसे समझाकर हटाया और वे वापस सर्किल की ओर चले गए। इसके बाद प्रॉक्टर टीम ने छात्रों को अंदर किया तो उन्होंने गेट बंद कर लिया। बस वे अंदर हंगामा करते रहे। बाद में उन्होंने भाजपाइयों पर कार्रवाई की मांग कर दी। इसके बाद सीओ व प्रॉक्टर ने उन्हें भरोसा देकर समझाकर शांत किया। इस तरह एक घंटे बाद छात्र वहां से हटे। मगर इस दौरान सभी के हाथ पांव फूले रहे। जब तक माहौल शांत नहीं हो गया। कोई हटा नहीं। बाद में मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर रात अधिकारी निगरानी बनाए रहे।
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फिर बाहरियों द्वारा कैंपस में आपराधिक घटना
आज हो हुआ वह एक वायरल वीडियो से जुड़ा था। उसमें एएमयू के हॉस्टल में एक बाहरी की पिटाई कुछ बाहरियों द्वारा किया जाना उजागर हुआ। इसे लेकर समय समय पर बाहरियों द्वारा विवाद व आपराधिक वारदात की कैंपस में घटना होती रहती हैं। मगर एएमयू इंतजामिया के स्तर से इस पर रोक को लेकर कोई ठोस प्रयास नहीं किया जाता। मामले में हाईकोर्ट तक ने एएमयू में बाहरियों पर रोक को लेकर कहा है।

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ये हुआ था वर्ष 2018 में टकराव

एएमयू के छात्रसंघ कार्यालय में जिन्ना की तस्वीर का मुद्दा उस समय उठा था। इसे उतारने का ऐलान करते हुए 2 मई 2018 को इसी तरह हिंदू जागरण मंच के संजू बजाज व उनके साथ छात्र नेता अमित गोस्वामी पहले सिविल लाइंस और फिर एएमयू की ओर गए। तब भी प्रशासनिक भवन तक पहुंचे और एएमयू छात्रों से टकराव हुआ। इस टकराव के बाद पुलिस को एएमयू छात्रों पर लाठीचार्ज तक करना पड़ा। मामले में एक पखवाड़े से अधिक समय तक एएमयू छात्रों का धरना व भूख हड़ताल तक चली। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच हुई। तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को हटाया गया। अमित गोस्वामी व योगेश वाष्र्णेय को जेल भेजा गया। कई दिन तक शहर में इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। शहर में तनाव के हालात रहे। उस पुरानी घटना को याद कर अब सभी के हाथ पांव फूले हुए हैं। देर रात तक पुलिस प्रशासनिक अधिकारी गतिविधियों पर नजर रखे हैं। हालांकि विवाद बाहरियों का है। मगर एएमयू छात्र भाजयुमो नेताओं के प्रशासनिक भवन तक आने के चलते आक्रोशित हैं।



एसपी सिटी को सौंपी पुलिस भूमिका की जांच
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी का पिता एटा में हैड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। इस मामले में आरोप लग रहा है कि घटना वाले दिन पुलिस को सूचना दी और तहरीर दी। मगर पुलिस ने सिर्फ शांति भंग में कार्रवाई की। इसे लेकर पूरे मामले में एसपी सिटी को विभागीय जांच सौंपी गई है। वे पुलिस भूमिका की जांच करेंगे। यह भी देखेंगे कि क्या आरोपी के पिता के दबाव में पुलिस ने उस समय कार्रवाई नहीं की।

मैंने तो आरोपियों को हास्टल से भगाया था:फरहान जुबैरी
वायरल वीडयो में बीचबचाव करते हुए दिखाई दे रहे एएमयू के वरिष्ठ छात्र नेता फरहान जुबैरी ने बताया कि वे एएमयू के रिसर्च स्कॉलर हैं। वे सुलेमान हॉल में रहते हैं। घटना वाले दिन अपने कमरे में मौजूद थे। शोध कार्य के चलते वे हॉस्टल में ही थे। तभी दो कमरे छोडक़र तीसरे बगल के कमरे से शोरशराबे की आवाज आई। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि कुछ बाहरी युवक एक बाहरी को पकड़ लाए हैं और उनके बगल के कमरे में पीट रहे हैं। वे वहां मौके पर गए और उसे बचाते हुए सभी को वहां से भगा दिया था। वे वहां कैसे आए, ये कुछ नहीं पता। मगर मैंने बीचबचाव करते हुए उन्हें भगाया था।
इस पूरे मामले में पुलिस स्तर से कार्रवाई की जा रही है। रहा सवाल घटना कैंपस में होने का तो इस विषय में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। पुलिस से भी इस संबंध में जानकारी की जा रही है और अपने यहां के सीसीटीवी आदि दिखवाए जा रहे हैं।-प्रो वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू

ये बोले युवा भाजपाई
इस मामले में मौके पर गए भाजयुमो महानगर उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, मंत्री हर्षद हिंदू व छात्र नेता बल्देव चौधरी का कहना है कि दिनदहाड़े एक हिंदू युवक को अगवा कर कैंपस में ले जाकर पीटा जाना निश्चित रूप से एएमयू इंतजामियां की संलिप्तता को प्रदर्शित करता है। एएमयू प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोके और इनमें संलिप्त लोग भी ऐसी घटनाओं से बाज आएं। आखिरकार एसी घटनाओं को कर क्या प्रदर्शित करना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करें अन्यथा कहीं ऐसा ना हो की अन्य कॉलेजों में क्रिया की प्रतिक्रिया देना शुरू हो जाए। घटना में शामिल सभी आरोपियों को जेल  भेजकर  मैसेज  देने  योग्य  कार्रवाई करें। 
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