एएमयू के छात्रसंघ कार्यालय में जिन्ना की तस्वीर का मुद्दा उस समय उठा था। इसे उतारने का ऐलान करते हुए 2 मई 2018 को इसी तरह हिंदू जागरण मंच के संजू बजाज व उनके साथ छात्र नेता अमित गोस्वामी पहले सिविल लाइंस और फिर एएमयू की ओर गए। तब भी प्रशासनिक भवन तक पहुंचे और एएमयू छात्रों से टकराव हुआ। इस टकराव के बाद पुलिस को एएमयू छात्रों पर लाठीचार्ज तक करना पड़ा। मामले में एक पखवाड़े से अधिक समय तक एएमयू छात्रों का धरना व भूख हड़ताल तक चली। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच हुई। तत्कालीन इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को हटाया गया। अमित गोस्वामी व योगेश वाष्र्णेय को जेल भेजा गया। कई दिन तक शहर में इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं। शहर में तनाव के हालात रहे। उस पुरानी घटना को याद कर अब सभी के हाथ पांव फूले हुए हैं। देर रात तक पुलिस प्रशासनिक अधिकारी गतिविधियों पर नजर रखे हैं। हालांकि विवाद बाहरियों का है। मगर एएमयू छात्र भाजयुमो नेताओं के प्रशासनिक भवन तक आने के चलते आक्रोशित हैं।
एसपी सिटी को सौंपी पुलिस भूमिका की जांच
एसएसपी कलानिधि नैथानी बताते हैं कि गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी का पिता एटा में हैड कांस्टेबल के पद पर तैनात है। इस मामले में आरोप लग रहा है कि घटना वाले दिन पुलिस को सूचना दी और तहरीर दी। मगर पुलिस ने सिर्फ शांति भंग में कार्रवाई की। इसे लेकर पूरे मामले में एसपी सिटी को विभागीय जांच सौंपी गई है। वे पुलिस भूमिका की जांच करेंगे। यह भी देखेंगे कि क्या आरोपी के पिता के दबाव में पुलिस ने उस समय कार्रवाई नहीं की।
मैंने तो आरोपियों को हास्टल से भगाया था:फरहान जुबैरी
वायरल वीडयो में बीचबचाव करते हुए दिखाई दे रहे एएमयू के वरिष्ठ छात्र नेता फरहान जुबैरी ने बताया कि वे एएमयू के रिसर्च स्कॉलर हैं। वे सुलेमान हॉल में रहते हैं। घटना वाले दिन अपने कमरे में मौजूद थे। शोध कार्य के चलते वे हॉस्टल में ही थे। तभी दो कमरे छोडक़र तीसरे बगल के कमरे से शोरशराबे की आवाज आई। उन्होंने जानकारी की तो पता चला कि कुछ बाहरी युवक एक बाहरी को पकड़ लाए हैं और उनके बगल के कमरे में पीट रहे हैं। वे वहां मौके पर गए और उसे बचाते हुए सभी को वहां से भगा दिया था। वे वहां कैसे आए, ये कुछ नहीं पता। मगर मैंने बीचबचाव करते हुए उन्हें भगाया था।
इस पूरे मामले में पुलिस स्तर से कार्रवाई की जा रही है। रहा सवाल घटना कैंपस में होने का तो इस विषय में जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। पुलिस से भी इस संबंध में जानकारी की जा रही है और अपने यहां के सीसीटीवी आदि दिखवाए जा रहे हैं।-प्रो वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू
ये बोले युवा भाजपाई
इस मामले में मौके पर गए भाजयुमो महानगर उपाध्यक्ष अमित गोस्वामी, मंत्री हर्षद हिंदू व छात्र नेता बल्देव चौधरी का कहना है कि दिनदहाड़े एक हिंदू युवक को अगवा कर कैंपस में ले जाकर पीटा जाना निश्चित रूप से एएमयू इंतजामियां की संलिप्तता को प्रदर्शित करता है। एएमयू प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोके और इनमें संलिप्त लोग भी ऐसी घटनाओं से बाज आएं। आखिरकार एसी घटनाओं को कर क्या प्रदर्शित करना चाहते हैं। पुलिस प्रशासन सख्त से सख्त कार्रवाई करें अन्यथा कहीं ऐसा ना हो की अन्य कॉलेजों में क्रिया की प्रतिक्रिया देना शुरू हो जाए। घटना में शामिल सभी आरोपियों को जेल भेजकर मैसेज देने योग्य कार्रवाई करें।