फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़: नकली दवाओं का बड़ा भंडाफोड़, दो मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज, यह है मामला

Fri, 11 Sep 2026 03:52 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

दुकानदार असली ब्रांड के नाम पर घटिया और नकली उत्पाद बेचकर उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। इससे न सिर्फ मूल कंपनी की दशकों पुरानी साख को बट्टा लग रहा था, बल्कि आम जनता को भी आर्थिक और शारीरिक रूप से धोखा दिया जा रहा था।
विज्ञापन
दवाएं - फोटो : Freepik.com
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ जिले के क्वार्सी थाना क्षेत्र में पुलिस ने ट्रेडमार्क और कॉपीराइट उल्लंघन के एक बड़े मामले का पर्दाफाश किया है। मशहूर ब्रांड टाइटैनिक के2  और टाइटैनिक के2 प्लस कैप्सूल की आड़ में धड़ल्ले से बेची जा रही नकली दवाओं का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में दो  मेडिकल स्टोर संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


कोलकाता की ऑलवेज डिटेक्टिव सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि हबीब उर रहमान ने थाना क्वार्सी में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, इंदौर (मध्य प्रदेश) स्थित महामाया ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक फर्म पुरुषों के लिए आने वाले इन विशेष उत्पादों की पंजीकृत निर्माता है। गुप्त सूचना और नियमित बाजार सर्वेक्षण के आधार पर जब पुलिस टीम के साथ छापेमारी की गई, तो खुलासे हुए।

जनता फार्मेसी (नगला पटवारी) के संचालक सलमान ताहिर की दुकान से टाइटेनिक के 2 नकली दवा का एक पैकेट (6 कैप्सूल) बरामद हुआ। आर्यन मेडिकल स्टोर (नगला पटवारी) के संचालक रफीक खान  की दुकान से टाइटेनिक के 2 नकली दवा का एक पैकेट (6 कैप्सूल), एक अन्य पैकेट (1 कैप्सूल) और एक खाली पैकेट बरामद किया गया।
विज्ञापन


क्यों गंभीर है यह मामला
दुकानदार असली ब्रांड के नाम पर घटिया और नकली उत्पाद बेचकर उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। इससे न सिर्फ मूल कंपनी की दशकों पुरानी साख को बट्टा लग रहा था, बल्कि आम जनता को भी आर्थिक और शारीरिक रूप से धोखा दिया जा रहा था। सी ओ सर्वम सिंह के मुताबिक थाना क्वार्सी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ  केस दर्ज कर विवेचना एसआई रविन्द्र सिंह को सौंप दी है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस 

  • भारतीय न्याय संहिता , 2023 की धारा 318(4) (धोखाधड़ी)
  • कॉपीराइट अधिनियम, 1957 (संशोधित) की धारा 63
  • ट्रेडमार्क अधिनियम, 1999 की धारा 102 और 103
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें