एसीएम रंजीत सिंह को ज्ञापन देते बसपा के पदाधिकारी।
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बीती 14 सितंबर को दुष्कर्म का शिकार चंदपा की बेटी को इंसाफ दिलाने की लड़ाई सड़क पर आ गई है। रविवार को बसपा नेता बिटिया का हाल जानने जेएन मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उनको गेट से ही लौटा दिया गया। पीड़ित के परिजनों से गेट के बाहर ही मुलाकात कराई गई। आईजी पीयूष मोर्डिया से मिलने के लिए निकले बसपाइयों को उस वक्त भी निराशा हुई, जब उन्हें पता चला कि आला पुलिस अफसर बाहर हैं, इसलिए मुलाकात नहीं हो सकती है।
बसपा जिलाध्यक्ष रत्नदीप सिंह और पूर्व महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल ने बताया कि उन्होंने मेडिकल कॉलेज में पीड़ित के पिता से मुलाकात कर बिटिया का हाल जाना। पीड़ितों ने बताया कि आरोपी के परिजनों की ओर से उनको लगातार धमकाया जा रहा है। उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह मुकदमा वापस ले लें। नहीं तो अंजाम बहुत खतरनाक होगा। बिटिया की हालात भी नाजुक है, जिससे पूरा परिवार सदमे में है। बसपाइयों ने परिजनों से मुलाकात करने के बाद एसीएम द्वितीय रंजीत सिंह को ज्ञापन सौंप कर पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की मदद और पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग उठाई की है।
बसपाइयों ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की है। मामले की जांच पड़ताल के साथ कार्रवाई में देरी होने पर संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। संदीप पाटिल ने बताया कि मौके पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया है, जो टूंडला के उपचुनाव में आए थे। गौर हो कि सुबह ही बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस मामले ट्वीट कर पीड़िता को इंसाफ दिलाने की मुहिम छेड़ी है। इस मौके पर मुख्य सेक्टर प्रभारी एडवोकेट अशोक सिंह, बिजेंद्र विक्रम सिंह, अरविंद आदित्य, महेश चौधरी, महेश बाबू कुशवाह, जसवंत सिंह सवांरिया, सुरेश गौतम, शिव कुमार शास्त्री, अशोक प्रजापति, रोशन लाल माहौर, महानगर अध्यक्ष दिनेश बघेल, डा. पहल सिंह, मुकेश चंद्रा, रिजवान खान आदि दर्जनों बसपाई मौजूद रहे।