कथा व्यास दीपक महाराज ने कहा कि रामायण में भक्त हनुमान से सीख लेनी चाहिए। हनुमान जी में अपार बल हैं, मगर उन्हें अपने बल का तनिक भी गुमान नहीं हैं। वो सिर्फ राम की भक्ति में लीन रहते हैं। प्रभु राम की माला का जाप करते हैं। हमें भी प्रभु का स्मरण करना चाहिए। वो कष्ट का निवारण करते हैं।
अलीगढ़ के शिवलोक सूर्य विहार कालोनी में आयोजित श्रीराम कथा में दीपक महाराज ने प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान किया। प्रभु राम का आदर्श पूरी दुनिया में पूजनीय है। प्रभु का जीवन तो देखिए। एक तरफ राजा दशरथ अपने प्रिय पुत्र को राजपाठ सौंपने की तैयारी करते हैं, तो दूसरी तरफ माता कैकेई ने राम को 14 वर्ष और अपने पुत्र भरत को अयोध्या का राजा बनाने की मांग की। कैकेई ने राजा दशरथ को अपने दो वर याद दिलाए।
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राजा दशरथ को बहुत भावुक मन से अपने प्रिय पुत्र राम को वन जाने की आज्ञा देते हैं। प्रभु राम अपने पिता की आज्ञा को सहर्ष स्वीकार किया और वन को निकल पड़े। कथा व्यास दीपक महाराज ने कहा कि रामजी के जीवन से सीखने की कोशिश कीजिए, उन्हें राजा बनने को सूचना मिलती है तो वो हर्षित नहीं होते और वनवास जाने का आदेश मिलता है तो वो शोक में नहीं डूबते हैं। प्रभु संदेश देने का काम करते हैं की हर परिस्थिति में सामान्य रहना चाहिए।
जीवन में कई बार संकट आता है, घबराना नहीं उनका डटकर मुकाबला करना चाहिए। इसलिए प्रभु राम हमें जीवन में जीने की कला की सीख देते हैं। कथा व्यास ने कहा कि रामायण में भक्त हनुमान से सीख लेनी चाहिए। हनुमान जी में अपार बल हैं, मगर उन्हें अपने बल का तनिक भी गुमान नहीं हैं। वो सिर्फ राम की भक्ति में लीन रहते हैं। प्रभु राम की माला का जाप करते हैं। हमें भी प्रभु का स्मरण करना चाहिए। वो कष्ट का निवारण करते हैं।
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कथा में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष ठाकुर हरेंद्र सिंह कालू, महिला मोर्चा की महानगर अध्यक्ष दया शर्मा ने कथा व्यास का पूजन किया। कथा में यजमान कुंवर रमेश चंद्र, पत्नी सुशीला, वीरेंद्र सिंह, पत्नी के साथ पूजन किया। बंटी सिंह जादौन, पप्पू सिंह, सुशील सिंह, बंटी यादव, भगवान स्वरूप आदि मौजूद थे।