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AMU: बतौर कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने लिखा आखिरी पत्र, पीएम मोदी का किया जिक्र, यह लिखा पाती में

Wed, 05 Apr 2023 02:59 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

प्रो. तारिक मंसूर ने अपने पत्र में अपने कार्यकाल के अनुभवों को भावनात्मक रूप से व्यक्त किया है। उन्होंने लिखा कि मुझे पिछले 6 वर्षों में अच्छे और चुनौतीपूर्ण समय में इस महान संस्थान का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। मैंने लगभग पांच दशक पहले एक छात्र के रूप में एएमयू में अपनी यात्रा शुरू की थी। पढ़ाई की और पढ़ाया भी। विश्वविद्यालय की सेवा और कुलपति रहा। मैं...
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एमएलसी तारिक मंसूर - फोटो : साेशल मीडिया
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विस्तार
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प्रो. तारिक मंसूर ने बतौर कुलपति एएमयू परिवार को आखिरी पत्र लिखा है। प्रो. तारिक मंसूर ने एमएलसी बनने के बाद वीसी पद से त्यागपत्र दे दिया। प्रो. तारिक मंसूर ने अपने पत्र में अपने कार्यकाल के अनुभवों को भावनात्मक रूप से व्यक्त किया है।

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यह लिखा पत्र में
''मुझे पिछले 6 वर्षों में अच्छे और चुनौतीपूर्ण समय में इस महान संस्थान का नेतृत्व करने का अवसर मिला है। मैंने लगभग पांच दशक पहले एक छात्र के रूप में एएमयू में अपनी यात्रा शुरू की थी। पढ़ाई की और पढ़ाया भी। विश्वविद्यालय की सेवा और कुलपति रहा। मैं अपने शिक्षकों, शिक्षण सहयोगियों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों, छात्रों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों को मेरी यात्रा को इतना खास और यादगार बनाने के लिए धन्यवाद देता हूं। मैं आपका आभारी हूं। 

कोविड-19 महामारी की निराशा के समय छात्रों और कर्मचारियों की मानव संसाधन क्षमताओं को सक्षम करते हुए विश्वविद्यालय के डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ाकर ऑनलाइन मोड में लाया गया। मुझे एएमयू की शताब्दी में नेतृत्व करने का अवसर मिला। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वविद्यालय समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होकर शोभा बढ़ाई। राष्ट्र निर्माण में प्रधानमंत्री का भाषण याद किया जाएगा। एएमयू के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने एएमयू को ''मिनी इंडिया'' भी कहा था। 
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हमारी शिक्षा को बदलने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति है। मैंने आप सभी के समर्थन के साथ पूरी प्रतिबद्धता, सत्यनिष्ठा और अपनी सर्वश्रेष्ठ क्षमताओं के साथ विश्वविद्यालय की सेवा की है। मैं अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी कमी या मेरी ओर से कार्रवाई के लिए गहरा खेद व्यक्त करता हूं। आप में से किसी को भी पीड़ा हुई है। अपरिहार्य परिस्थितियों के कारण मुझे अपने उत्तराधिकारी की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी न कर पाने का भी खेद है। मैं आपसे माफी मांगता हूं''।

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