कोरोना के चलते लगातार दूसरे वर्ष भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा शहर में धूमधाम से नहीं निकल पाई। हालांकि, स्वर्ण जयंती नगर के हरे कृष्ण भक्ति केंद्र परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, वीरभद्र व सुभद्रा की प्रतिमाओं को आपार्टमेंट के अंदर ही भ्रमण कराया और छप्पन भोग लगाया। यहां श्रद्धालुओं ने हरिनाम संकीर्तन कर नृत्य भी किया।
हरे कृष्ण भक्ति केंद्र भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा प्रतिवर्ष धूमधाम से निकालता रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल नौवीं तथा इस वर्ष 10वीं रथयात्रा को रद्द रखा गया। लेकिन रथयात्रा का उल्लास और जोश कम नहीं हुआ। सोमवार को स्वर्ण जयंती नगर के पैराडाइस अपार्टमेंट में बने हरे कृष्ण भक्ति केंद्र के अंदर ही भगवान जगन्नाथ को भ्रमण कराया गया। शुभारंभ भव्य हरिनाम संकीर्तन के साथ किया गया।
12 बजे भगवान जगन्नाथ को छप्पन भोग लगाया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दिव्य झांकी के दर्शन किए। इसके बाद भगवान की आरती हुई और केंद्र पर ही श्रद्धालुओं द्वारा तैयार किए गए छोटे से रथ पर भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र व अपनी बहन देवी सुभद्रा के साथ विराजमान हुए। श्रद्धालुओं ने केंद्र परिसर के अंदर ही पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ रथ को खींचा। भक्तों ने भगवान जगन्नाथ को रिझाने के लिए भजन गाए। कई श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर नृत्य भी किया। अंत में प्रसाद वितरण के बाद श्रद्धालु अपने-अपने घर रवाना हुए। इस मौके पर केंद्र के अध्यक्ष नित्यानंद दास, कृष्णसखी दासी, रिंकू गुप्ता, राधिका, प्रीतम दास, नारायण दास, बॉबी गुप्ता, कैलाश यादव आदि मौजूद रहे।