बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में निशुल्क यूनिफार्म घोटाले का आरोप बीईओ अकराबाद व बीईओ जवां पर लगा है। इस इस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं। यह शिकायत अकराबाद निवासी धीरेंद्र कुमार सिंह ने दस रुपये के शपथ पत्र पर शासन में शिकायत की थी। सहायक निदेशक शिक्षा बेसिक डॉ. पूरन सिंह ने बताया कि जल्द ही जांच शुरू की जाएगी।
धीरेंद्र कुमार ने शिकायत की सत्यता के लिए नोटरी शपथ पत्र पर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की कारगुजारी की पोल खोली है। शपथ पत्र में उल्लेख है कि जिले के खंड शिक्षाधिकारियों द्वारा 24 मार्च 2020 को निशुल्क यूनिफार्म वितरण के शासनादेश की धज्जियां उड़ाते हुए ठेकेदारी प्रथा के तहत यूनिफार्म कपड़ा एनपीआरसी स्तर पर डलवाकर विद्यालयों में उठवाया गया। धीरेंद्र ने इसका वीडियो भी शासन को भेजा है।
खंड शिक्षाधिकारी जवां ने एनपीआरसी अमरौली, साथा से विद्यालयों का यूनिफार्म कपड़ा बंटवाया। एनपीआरसी छेरत से विद्यालयों का यूनिफार्म का कपड़ा न बंटवाकर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मंजूरगढ़ी में छिपाकर बंटवाया गया। साथ ही एक साथ कई विद्यालयों को कुटेशन बंटवाए गए। धीरेंद्र की शिकायत का संज्ञान शिक्षा निदेशक बेसिक उत्तर प्रदेश ने लिया है। उन्होंने इस मामले की जांच अलीगढ़ के सहायक निदेशक शिक्षा बेसिक डॉ. पूरन सिंह को सौंपी है। डॉ. पूरन सिंह का इस मामले में कहना है कि उन्हें जांच के आदेश मिल चुके हैं। जल्द ही जांच कार्रवाई शुरू कर देंगे।