गांव जरारा में चार दिन से लापता युवक का शव गांव के समीप पोखर से बरामद हुआ है। उधार दिए गए रुपये मांगने पर पीटकर उसकी हत्या की गई थी, इसके बाद शव को पोखर में फेंका गया था। मामले में तीन महिलाओं सहित 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
राधाचरण पुत्र ऋषिपाल के अनुसार गांव के ही ओमप्रकाश पुत्र सरमन लाल ने उनसे एक जनवरी को 20 हजार रुपये उधार लिए थे।कुछ दिन में रुपये वापस करने की बात कही थी, लेकिन कई बार वापस मांगने पर भी रुपये नहीं लौटाए। पांच अगस्त की रात करीब आठ बजे वह अपने भाई योगेश के साथ खेत से घर लौट रहे थे। रास्ते में अपने घर के सामने ओमप्रकाश खड़ा था। उससे उधार दिए रुपये मांगे तो वह नाराज हो गया। ओमप्रकाश व उसकी पत्नी गीता गाली-गलौज की। आवाज लगाकर अपने परिवार वालों को बुला लिया। सभी मिलकर लाठी-डंडों से पीटने लगे। राधाचरण के अनुसार वह किसी तरह बचकर भाग निकले, लेकिन योगेश को उक्त लोगों ने बुरी तरह पीटा और ओमप्रकाश के मकान में बंद कर दिया।
राधाचरण के अनुसार वह अपने चाचा विष्णु व अन्य परिजनों को लेकर वहां पहुंचे तो मौजूद लोगों ने बताया कि योगेश तो वहां से तभी चला गया था। इसके बाद योगेश की काफी तलाश की गई लेकिन पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह करीब सुबह 10 बजे गांव के ही पोखर में योगेश का शव उतराता दिखाई पड़ा। वह दो भाइयों में बड़े थे। उनकी पत्नी अर्चना, दो पुत्र व दो पुत्रियों का रो-रोकर बुरा हाल है।
इन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मामले में ओमप्रकाश पुत्र सरमन लाल, उसकी पत्नी गीता, कैलाश, राजेश, जग्गी पुत्रगण ओमप्रकाश, किरण व मुस्कान पुत्री ओमप्रकाश, देवेंद्र व सुरेश पुत्रगण घनश्याम, सोनू व जसवंत पुत्रगण ओमी, ओमी पुत्र कालीचरण, पुनीत पुत्र बाबूलाल, राकेश पुत्र रघुवीर, रामदेव पुत्र आशा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार का कहना है कि एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अन्य की तलाश की जा रही है।