ऊपरकोट जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर जुमा अलविदा की नमाज अदा करते नमाजी।
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सुबह ग्यारह बजे से शहर में जुमा अलविदा की तैयारी दिखने लगी। मसजिदों के आसपास की दुकानें बंद हो रही थीं और हर कोई तयशुदा वक्त से नमाज अदा करने के लिए चल पड़ा। मसजिदों के पास सुरक्षा और साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए। पेयजल के साथ बिजली के भी मुकम्मल इंतजाम किए गए, लेकिन कुछ जगहों पर बिजली नहीं आने से दिक्कत हुई। ऊपरकोट जामा मसजिद में अकीदतमंदों की आमद साढ़े ग्यारह बजे शुरू हो गई। अपनी अपनी जगह पर जा-नामज बिछाते नमाजी नये कपड़ों से आती इत्र की खुशबू से सराबोर दिखे। इनके हाथों में तस्बीह और मन में अल्लाह हू अकबर..। बड़े हो या बच्चे सभी में एक ही धुन।
मसजिद में लगे लाउडस्पीकर से आवाजें आती रहीं.. वक्त का ख्याल रखें और पूरे एहतराम के साथ नमाज अदा करें। दुकानें बंद कर दें। वाहनों का प्रवेश रोक दें। इंशा अल्लाह.. जुमा अलविदा अमन से हो रहा है..। रमजान में अमन ओ अमान कायम रहा.. अब ईद में भी अमन चैन बदस्तूर कायम रहेगा। कोई खलल नहीं होगा..। ईद तक अमन कायम रखने में हम सब एक दूसरे की मदद करें..। हालांकि भीषण गरमी और उमस से हर कोई पसीना पसीना हो रहा था लेकिन त्योहार की खुशी हर चेहरे पर नुमाया हो रही थी। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने रहमत की बारिश की दुआ की और कहा कि रमजान में बारिश होगी तो सभी को सुकून मिलेगा। अल्लाह से दुआ करें रहमत की बारिश हो..। उन्होंने कहा कि शहर में पिछले कुछ दिनों से कुछ तनाव बना है। ऐसे में बेहतर होगा कि बेवजह के सवालात का जवाब न दें..। खामोश रहें..। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम जिला प्रशासन का है..। इससे अमन ओ अमान बनाए रखने में मदद मिलेगी..। जामा मसजिद के बाहर खंभों पर चांदनी तनी तो सड़क पर चूने के निशान बना कर लाइनें बना दी गईं ताकि नमाजियों की लाइन बनती रहे। एसएसपी, डीएम, एडीएम सिटी के साथ शहर के सभी सीओ, पीएसी, आएएफ ने सुरक्षा बनाए रखने में ताकत झोंक दी थी। पुलिस ने इस इलाके की ओर आने वाली हर गली, हर सड़क पर जाल लगा दिए। जिससे आवारा पशुआें और वाहनों का प्रवेश रोका गया। रेलवे रोड, मदारगेट, जयगंज, बनियापाड़ा, चंदनशहीद रोड, घास की मंडी, महावीर गंज, सराफा बाजार, बड़ा बाजार सहित हर गली में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। जिला पुलिस प्रशासन की सतर्कता, चुस्ती, फुर्ती और चौकसी सब एक साथ देखने को मिली। जबरदस्त सुरक्षा और साफ सफाई देख कर जामा मसजिद ऊपरकोट की इंतजामिया भी इसका खैर मकदम करती रही। खुशी, खामोशी से नमाज अदा हुई। सुबह 11 से दोपहर तीन बजे तक चार घंटे तक जिला प्रशासन जबरदस्त तनाव में रहा। जब नमाजी अपने घरों को रुख्सत हुए तो अफसरों ने चैन की सांस ली।