बसपा को अपने जिले में एक और तगड़ा झटका लगा है। बसपा अध्यक्ष मायावती के बेहद करीबी और 1980-81 से बसपा व वामसेफ से जुड़े अनुसूचित वर्ग में गहरी पैंठ रखने वाले बसपा नेता राजकुमार शम्मी बुधवार को भाजपाई हो गए। उन्होंने आगरा ब्रज क्षेत्र कार्यालय में क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इसके पीछे उन्होंने पार्टी में पुराने व्यक्तियों को सम्मान न मिलना और बहन जी तक सही बात न पहुंचना बड़ा कारण बताया है।
राजकुमार शम्मी पार्टी में प्रदेश महासचिव से लेकर राष्ट्रीय कार्यकारिणी तक में रह चुके हैं। बसपा शासन काल में उनका तगड़ा रसूख हुआ करता था। उनकी पत्नी मीना शम्मी राज्य महिला आयोग की सदस्य तक रहीं। वे खुद कई मंडलों के कोआर्डिनेटर तक रहे हैं। वे खुद बताते हैं कि पार्टी के लिए उन्होंने बहन जी के साथ वर्ष 1980-81 से काम किया और पार्टी को यहां तक लाने में जी तोड़ मेहनत की। मगर अब उन्हें या उन जैसे कार्यकर्ताओं को पार्टी में सम्मान नहीं मिल रहा। कुछ लोग ऐसे हैं जो सही बातें बहन जी तक नहीं पहुंचा रहे। एक लॉबी ऐसी है जो खुद को बहन जी समझने लगी है। इन्हीं तमाम बातों से उनका मन काफी समय से आहत था। काफी सोच विचार कर पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। उन्होंने भाजपा में शामिल होने की कोई शर्त नहीं रखी है। जो जिम्मेदारी पार्टी देगी, उसे निभाएंगे। बुधवार को आगरा में भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस दौरान राज्य मंत्री जेएस धर्मेश, हाथरस के भाजपा नेता रामवीर भैय्या जी आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
अपने साथ इन्हें भी ले गए शम्मी
राजकुमार शम्मी के अनुसार उनके नेतृत्व में हाथरस के कई साल बसपा जिलाध्यक्ष रहे डॉ.बीडी सिंह, पीलीभीत के जिलाध्यक्ष रहे हरिराम गौतम, बरेली के वरिष्ठ नेता रामअवतार गौतम आदि ने भी पार्टी छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है।
-राजकुमार शम्मी का हमारी अध्यक्ष ने हमेशा सम्मान किया। पार्टी में कई-कई मंडलों पर बड़े-बड़े पदों पर रखा। इनकी पत्नी को सरकार में महिला आयोग का सदस्य बनाया। इनके बच्चों को भी पूरा सम्मान दिया। फिर भी इन्होंने अपने निजी स्वार्थ में सत्ता सुख भोगने के लिए पार्टी और समाज को धोखा दिया है, जिसका जवाब समाज समय आने पर जरूर देगा।-रतन दीप सिंह, बसपा जिलाध्यक्ष।