इस बार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के साथ-साथ बसंत पंचमी भी मनाई गई। स्कूल, सामाजिक संस्था, राजनीतिक संगठनों ने दोनों ही पर्वों को धूमधाम और पूरे श्रद्धा भाव से मनाया। ध्वजारोहण के साथ मां सरस्वती का पूजन भी किया गया।
रामघाट रोड स्थित
प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी में संस्थान के निदेशक, प्रतिष्ठा हेल्पलाइन के चेयरमैन और प्रमुख समाजसेवी डीआर यादव ने झंडारोहण किया। डीआर यादव ने कहा कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर नमन करते हैं, अपने सभी बीर बलदानियों को, जिनकी वजह से हमें स्वतंत्रता मिली। हमें यह प्रण लेना चाहिए कि भारत की अखंडता को मजबूत करने का कार्य करेंगे और पूरे देश में अमन और शांति का माहौल बना कर रखेंगे। इस अवसर पर चंद्रमा यादव, अजय प्रताप, शिवम शास्त्री, परवेज दिलानी, राकेश गुप्ता, अंशिका हिमानी आदि मौजूद रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हरिगढ़ महानगर ने घोष संगम कार्यक्रम में आठ घोष ने एक साथ मिलकर एसएमबी इंटर कॉलेज से संचालन करते हुए अहिल्याबाई होलकर स्टेडियम में सामूहिक रूप से अपनी-अपनी घोष कलाओं का प्रदर्शन किया। घोष संगम में अध्यक्ष के रूप में भुनेश्वर शर्मा, महानगर संघचालक अजय सर्राफ एवं सह प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र ने संबोधित किया। संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का दिन बड़ा ही महत्वपूर्ण दिन है, गणतंत्र के साथ आज बसंत पंचमी भी है। मां सरस्वती का केंद्र शारदा पीठ आज भी पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है, ऐसे सभी तीर्थों को भारत में लाकर अखंड भारत का निर्माण फिर से करना है।
कार्यक्रम में बौद्धिक शिक्षण प्रमुख सुशील, पूर्व प्रांत प्रचारक दिनेश शर्मा, प्रांत छात्रावास प्रमुख कालीचरण, विभाग प्रचारक गोविंद, विभाग सह संघचालक ललित, विभाग कार्यवाह योगेश, महानगर सह संघचालक देवेन्द्र, महानगर प्रचारक बिक्रांत , प्रचार प्रमुख रोहिताश्व, सह प्रचार प्रमुख दलवीर सिंह के साथ सांसद सतीश गौतम कॉल विधायक अनिल पाराशर, एमएलसी मानवेंद्र सिंह, जिला अध्यक्ष चौधरी ऋषि पाल सिंह, डॉ राजीव अग्रवाल, डॉ सुनील चौहान आदि उपस्थित थे।
कुमार प्लाजा में
प्रतिष्ठा आईएएस अकैडमी में बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती की आराधना कर हर्षोल्लास के साथ पूरे उत्साह और जोश के साथ मनाया गया। सबसे पहले मां सरस्वती पर माल्यार्पण किया गया, उसके बाद दीप जलाकर मां सरस्वती की आराधना की गई। संस्थान के निदेशक डीआर यादव यादव ने कहा कि सबको अंधकार से निकालकर उजाले की ओर ले जाने वाली मां सरस्वती हैं। ज्ञान के बिना जीवन अंधकारमय है।