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कोरोना की मार, धीमी हो रही स्मैश की रफ्तार

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इकराम वारिस
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कोरोना महामारी के चलते महारानी अहिल्याबाई होल्कर स्पोर्ट्स स्टेडियम में खिलाडियों का अभ्यास बंद है। कोरोना की मार शटलर पर भी पड़ रही है, जिससे उनकी स्मैश (शॉट) की रफ्तार धीमी हो गई है। पिछले 15 महीने से खिलाड़ियों को स्टेडियम खुलने का इंतजार है।
कोरोना का कहर शुरू होने के बाद मार्च-2020 में स्टेडियम बंद कर दिया गया था, जो आज भी बंद है। स्टेडियम में बैडमिंटन कोर्ट भी है, जहां खिलाड़ी अभ्यास करते थे। कोर्ट बंद होने से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। जिससे उनके खेल पर प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। घरों में कैद खिलाड़ी स्टेडियम के खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कोरोना की वजह से स्पोर्ट्स कॉलेज, स्पोर्ट्स हॉस्टल के लिए ट्रायल भी नहीं हुआ, जो खिलाड़ियों के लिए झटका है। क्योंकि यहां कक्षा छह व नौ में प्रवेश होता है। ट्रायल न होने से ट्रायल के लिए निर्धारित आयु भी खिलाड़ियों की निकल चुकी है।
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ये हैं उभरते शटलर
सैयद जॉन अब्बास, देवांश गोविला, वेदांश शर्मा, आकर्ष राघव, देवांशी शर्मा, आयुष चौधरी, कृष शर्मा, कृष्णा गुप्ता, अभिषेक कुमार।
अलीगढ़ की तीन खिलाड़ी स्पोर्ट्स कॉलेज में
सैफई स्पोर्ट्स कॉलेज में अलीगढ़ की तीन खिलाड़ी बैडमिंटन का गुर सीख रही हैं। वर्ष-2018 में चंडौस की रहने वाली रमा सिंह, सुजाता सिंह व खैर की निवासिनी मन्नत चौधरी को स्पोर्ट्स कॉलेज में कक्षा छह में प्रवेश मिला था।
अलीगढ़ में नहीं है एक भी एकेडमी
जिले में एक भी बैडमिंटन एकेडमी नहीं है। हालांकि, कई जगह बैडमिंटन कोर्ट है, जहां खिलाड़ी व शौकिया खिलाड़ी अभ्यास करते हैं।
कोरोना की वजह से स्टेडियम में खेल गतिविधि ठप हैं। खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं।
-विकास चौहान, कोच, राष्ट्रीय खिलाड़ी
जब तक खिलाड़ी अभ्यास नहीं करेंगे, तब तक उनके खेल में वह तेजी नहीं आएगी, जो आनी चाहिए।
-हर्ष सिंह, राष्ट्रीय खिलाड़ी
अभ्यास वह सफलता की कुंजी है, जिससे प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी पर जीत का ताला खोल सकते हैं।
-लवली, राष्ट्रीय खिलाड़ी
अभ्यास खिलाड़ियों में एक विश्वास पैदा करता है, जो कोराना महामारी ने सबसे छीन लिया है।
-शोभना शर्मा, स्कूल गेम्स पदक विजेता
स्टेडियम को खोलने की अनुमति खेल निदेशालय से नहीं मिली है। जैसा आदेश आएगा, उसका पालन होगा।
-अनिल कुमार, प्रभारी क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी
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