रास्ते में बन्ना देवी थाना पुलिस शराबियों के खिलाफ विशेष धरपकड़ अभियान चला रही थी। पुलिस ने अकारण ही रवि कुमार को रास्ते से उठा लिया। पीड़ित ने जब पुलिसकर्मियों को अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा, मैं कंठी माला धारण करने वाला व्यक्ति हूं, मैंने जीवन में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया। आप चाहें तो अभी मेरा मेडिकल या एल्कोहॉल टेस्ट करवा लें। इस पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने बेहद अभद्र और अमानवीय रवैया अपनाते हुए कहा, पीना तो हम सिखा देंगे। पुलिस ने पीड़ित की एक न सुनी और उन्हें जबरन ले जाकर असली शराबियों और अपराधियों के साथ हवालात में बंद कर दिया।
पीड़ित रवि कुमार का आरोप है कि हवालात में डालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उनकी तलाशी ली और उनकी जेब में रखे सारे पैसे जबरन छीन लिए। पुलिस ने रवि कुमार का फोटो खींचा और विभाग द्वारा जारी की जाने वाली शराबियों की सूची में उनका नाम और फोटो शामिल कर सार्वजनिक कर दिया। इस शर्मनाक हरकत के कारण पीड़ित का भारी सामाजिक अपमान हुआ है।
निर्दोष होने के बावजूद पुलिस की बर्बरता और मानसिक प्रताड़ना झेलने वाले रवि कुमार ने अब सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से न्याय की मांग की है। पीड़ित ने कहा कि संत प्रवृत्ति का होने के बावजूद उन्हें जो अपमान झेलना पड़ा है, उसकी भरपाई नहीं हो सकती। उन्होंने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज और मौके की जांच कराकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। एसपी सिटी आदित्य बंसल ने कहा है कि वह इस मामले की जांच करवा रहे हैं।