यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 27 जनवरी को सार्वजनिक क्षेत्र के समस्त बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर रहे। बारिश की वजह से बिगड़े मौसम के बाबजूद 740 बैंक कर्मी धरने में डटे रहे।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के अलीगढ़ संयोजक प्रदीप चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार के अधीन वित्तीय सेवा विभाग तथा इंडियन बैंक एसोसिएशन ने बैंक कर्मचारियों को पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को लेकर बार-बार आश्वासन दिए, किंतु आज तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एनपीएस के बजाय सभी विभागों में ओपीएस लागू होनी चाहिए। कर्मचारियों की भविष्य सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सरकार को सख़्त रुख अपनाते हुए ऐसे फैसले लेने चाहिए, जिससे गरीब जनता और मध्यम वर्ग का वास्तविक हित सुनिश्चित हो सकें।
इस दौरान अतुल सिंह, सचिन शर्मा,अनिल, जितेंद्र शर्मा, पंकज,अश्वनी, गौरव शर्मा, मुस्तकीम, विवेक, पंकज, राजेश सक्सेना, सुधीर सक्सेना,आरसी गुप्ता, रणजीत सिंह, विधुमोहन, कंछीलाल,आरके शर्मा, वीके मौर्य, विशाल वर्मा, विशाल, भूपेंद्र, हिमांशु, ग्रीष, मनोज, जितेंद्र, नवीन, विजय लक्ष्मी, पूनम, सुरति, कुलदीप, अजय ,अभिषेक, नफ़ीश आदि मौजूद रहे ।
ये हैं मांगें
- 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह को अविलंब लागू करना
- सभी संवर्गों में पर्याप्त भर्ती
- अस्थायी व संविदा कर्मियों का नियमितीकरण
- सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण एवं विलय का विरोध
- श्रम कानूनों एवं द्विपक्षीय समझौतों की रक्षा