नगर पालिका खैर के अध्यक्ष संजय शर्मा के भाई आनंद शर्मा ने आठ करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है। डीआईजी के निर्देश पर अधिवक्ता अनूप गिरी गोस्वामी और उनके परिवार के आठ सदस्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद आरोपियों के बैंक खातों को होल्ड कर दिया है।
कोतवाली पुलिस के अनुसार, डीआईजी के निर्देश पर 12 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों पर रोक लगाई है। यह कदम विवादित धनराशि की सुरक्षा के लिए उठाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। आनंद शर्मा ने अपनी तहरीर में आरोप लगाए हैं। उन्होंने 2007 में एक शीतगृह स्थापित किया था। यह शीतगृह उनके छोटे भाई संजय शर्मा के नाम से था। सोमना सड़क स्थित संजय आइस एंड प्रिजर्वेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड इसका नाम था।
बाद में अनूप गिरी गोस्वामी को निदेशक मंडल में शामिल किया गया। साझेदारी समाप्त होने और पूरी धनराशि वापस करने के बावजूद भूमि का बैनामा पीड़ित के नाम नहीं कराया गया। तहरीर के अनुसार, अनूप गिरी गोस्वामी ने पांच जनवरी 2025 को निदेशक पद से त्यागपत्र दिया था। समझौते के तहत उन्हें तीन करोड़ आठ लाख रुपये दिए गए। वार्षिक चक्रवृद्धि ब्याज सहित यह राशि लगभग सात करोड़ 82 लाख रुपये के बराबर बताई गई।
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि भुगतान और शपथपत्र के बावजूद संपत्ति का हस्तांतरण नहीं किया गया। उन्हें विभिन्न प्रकार की धमकियां भी दी गईं। मामले में अनूप गिरी गोस्वामी सहित कुल आठ लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की है। 11 जून से खैर पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय द्वारा मामले की वित्तीय जांच की जा रही है।