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अलीगढ़ में किराना के थोक बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी, लगा प्रतिबंधित

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अलीगढ़ के महावीरगंज बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग की अनदेखी। (फाइल फोटो) - फोटो : CITY OFFICE
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जिले में पहला कोरोना संक्रमित मिलने के बाद जिला प्रशासन हर हाल में इस महामारी को फैलने से रोकने की कवायद में जुट गया है। डीएम ने शुक्रवार को किराना के थोक बाजारों के खुलने पर रोक लगा दी। शहर के अन्य बाजारों के खुलने के समय में परिवर्तन कर सुबह छह से दस बजे तक कर दिया गया है। बिना मास्क घर से निकलने वालों पर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया। साथ ही बिना अनुमति पास के शहर में दौड़ने वाले वाहनों को सीज करने का निर्णय लिया गया है। चेतावनी दी गई है कि अगर लोग लॉकडाउन के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे तो मजबूरन बाजारों को एक-एक दिन छोड़कर खोलने का आदेश पारित करना पड़ेगा।
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कलक्ट्रेट कार्यालय में 14 विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी मुनिराज जी, सीडीओ अनुनय झा ने लॉकडाउन का पालन कराने के लिए कई निर्णय लिए। इसमें महावीर गंज, कनवरी गंज, बारहद्वारी, छपैटी - जैसे किराना के थोक बाजार को पूर्णतया प्रतिबंधित कर दिया गया। यहां सिर्फ मेडिकल स्टोर को ही खुलने की अनुमति रहेगी। इन बाजारों के दुकानदारों को नुमाइश मैदान में बनीं दुकानें आवंटित की जाएंगी। दुकानों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर आवंटित किया जाएगा, जो भी दुकानदार दुकान लेना चाहते हैं, वह अपना जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार कार्ड या अन्य कोई पहचान पत्र लेकर नुमाइश मैदान में बने कार्यालय में जाकर दुकान को आवंटित करा सकते हैं। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। अगर, कोई कर्मचारी पैसे की मांग करता है तो तत्काल एडीएम सिटी को शिकायत दर्ज कराएं। जिला प्रशासन ने आदेश के उल्लंघन पर कानून कार्रवाई के लिए चेताया है।
इसके अलावा जिले के सभी बाजारों और पेट्रोल पंपों को अब सुबह छह से दस बजे तक ही खोलने की अनुमति जारी की है। तापमान के बढ़ने के चलते समय में परिवर्तन का फैसला किया गया है। इधर, जिलाधिकारी ने कहा कि बिना मास्क पहने कोई घर से बाहर निकलेगा तो उसे संबंधित थाना क्षेत्र की पुलिस या सेक्टर के मजिस्ट्रेट द्वारा पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। साथ ही बेवजह घूमने वालों पर भी यह नियम लागू होगा। घर से बाहर निकलने का कोई वाजिब काम होना आवश्यक है। साथ ही बिना प्रशासन की अनुमति के अब सड़कों पर वाहनों के दौड़ाने पर भी रोक रहेगी। कई लोगों की शिकायत मिली है कि वह खाना वितरण की आड़ में वाहनों को लेकर निकल रहे हैं। ऐसे लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
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लॉकडाउन के बाद से ही महावीर गंज व कनवरी गंज से हर रोज सुबह सात से ग्यारह बजे के बीच की तस्वीरें वायरल हो रही थीं। भीड़ के जुटने से बाजार में जाम लग जाता था। पुलिस-प्रशासन भी भीड़ के आगे बेबस हो गए थे। इसको देखते हुए नुमाइश मैदान में दुकानें आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। दरअसल, नुमाइश मैदान बड़ा है। अगर, पांच से आठ हजार लोग भी एक साथ यहां खरीदारी को पहुंच जाएं तो भी प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करा सकता हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने कहा कि अब अगर सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं हुआ तो दुकानदार के साथ ही थाना पुलिस और सेक्टर मजिस्ट्रेट को जिम्मेदार माना जाएगा और उस पर कार्रवाई की जाएगी।
वाहन पास के लिए लगी कतार
जिला प्रशासन की ओर से वाहन पास अनिवार्य करने के बाद शुक्रवार को सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर पास बनवाने वालों की कतार लगी रही। सुबह दस बजे ही लोग पहुंच गए। अधिकांश लोगों ने तर्क दिया कि वह समाजसेवा के कार्य से जुड़े हैं। गरीबों की मदद को जाने के लिए वाहनों की आवश्यकता होती है। साथ ही किसी ने सिर्फ अपने थाना क्षेत्र में जाने वाहन लेकर चलने की परमिशन मांगी तो किसी ने शहरी सीमा तक की। तमाम आवेदनों को तो सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से खारिज कर दिया गया। यही हाल तहसील कार्यालयों पर भी रहा। एसडीएम कार्यालय में सुबह से ही लाइन लग गई। इस दौरान सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम की भी धज्जियां उड़ाईं। जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम को आदेश दिया है कि वह सिर्फ जरूरत वाले लोगों को ही वाहनों के पास दें। बेवजह के तर्क देने वालों को घरों में रहने की हिदायत देकर लौटा दिया जाए।
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