शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की खूब बिक्री हो रही है। शहर में बारहद्वारी, रसलगंज, छिपैटी बाजार, ऊपरकोट, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, चंदनियां, सुरेंद्र नगर, दोदपुर, आमिर निशा आदि इलाकों में ये मांझा बिक रहा है।
चीन में निर्मित मांझे की बिक्री और प्रयोग पर प्रतिबंध लगा है, इसके बावजूद शहर से लेकर देहात तक की दुकानों में इसको बेचा जा रहा है। ये मांझा लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। ये लगातार हादसों का कारण बन रहा है। इससे होने वाले हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे है। इस खतरनाक मांझे से लोग घायल होते जा रहे हैं। पिछले दिनों इससे घायल होकर कई लोग अस्पताल तक पहुंच चुके हैं।
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यहां हो रही बिक्री
शहर से लेकर देहात क्षेत्र तक इस प्रतिबंधित मांझे की खूब बिक्री हो रही है। शहर में बारहद्वारी, रसलगंज, छिपैटी बाजार, ऊपरकोट, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, चंदनियां, सुरेंद्र नगर, दोदपुर, आमिर निशा आदि इलाकों में ये मांझा बिक रहा है।
केस - एक
महानगर के बापूनगर के विशाल वार्ष्णेय के 13 साल के बेटे भव्य साइकिल से जा रहे थे, तभी उनके गले में रगड़ते हुए चाइनीज मांझा निकल गया। इससे गला बुरी तरह से जख्मी हो गया। उन्हें फौरन अस्पताल लाया गया। अभी भी इलाज चल रहा है।
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केस- दो
आठ मार्च को चाइनीज मांझे से जख्मी हुए चार लोग इलाज करने शेखर सराफ अस्पताल पहुंचे। सभी कहीं न कहीं पतंग के मांझे में फंस गए थे। इनमें गला और अंगुलियां जख्मी हो गईं। उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
चाइनीज मांझे पर रोक लगनी चाहिए। यह जानलेवा साबित हो रहा है। दुकानों और गोदामों पर छापा पड़ना चाहिए। -संजय माहेश्वरी, संरक्षक माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब।
चाइनीज मांझा लोगों के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। जब इस पर प्रतिबंध है तो यह शहर में बिक कैहा रहा है। -गुलजार अहमद, जिलाध्यक्ष, उर्दू टीचर्स एसोसिएशन
चाइनीज मांझे की बिक्री पर सरकार ने प्रतिबंध लगा रखा है, फिर भी यदि बाजार में मिल रहा है तो जांच कराकर माल जब्त किया जाएगा। -कुलदीप सिंह गुनावत, एसपी सिटी