कमिश्नरी सभागार में शुक्रवार को मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में बैंक लोन नहीं मिलने, बिजली बिल बढ़ने और भूखंड पर व्यवसाय नहीं होने की समस्या उठी। मंडलायुक्त ने लोन आवंटन में फिसड्डी केनरा बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक की खराब प्रगति पर कहा कि बैंक जनता की गाढ़ी कमाई पर कुंडली मार कर न बैठें बल्कि विभागों द्वारा प्रेषित आवेदन पत्रों पर लोन दें। जिससे नये उद्योग स्थापित हो और युवाओं को स्व-रोजगार प्राप्त हो।
समीक्षा में ओडीओपी, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, खादी ग्रामोद्योग योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, स्टैंडअप व स्टार्टअप योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लंबित आवेदनों पर कमिश्नर भड़क गए। उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप लोन स्वीकृत करने को कहा। उपस्थित बैंक प्रतिनिधियों से कड़े शब्दों में कहा कि यदि आवेदन निरस्त करना है तो जल्दी करें ताकि विभाग अन्य आवेदन प्रेषित कर सकें। केंद्र व प्रदेश सरकार स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए नित नई योजनाएं लागू कर रही है, जिसमें बैंकों का योगदान अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।
बैठक में औद्योगिक क्षेत्र एटा के 15 आवंटियों के प्रकरणों पर एक हफ्ते में सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए गये। मैसर्स गुल इंटरनेशनल गुलमहक के औद्योगिक क्षेत्र छेरत के भूखंड एवं मानचित्र के मामले में बताया गया कि प्रकरण प्रबंध निदेशक यूपीएसआईडीसी को भेजा गया है। अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन द्वारा निर्यातकों के आईजीएसटी रिफं ड प्रकरण में वाणिज्य कर विभाग को उचित कार्रवाई करने को कहा गया। कॉमन फेसिलिटी सेंटर के प्रकरण में मंडल एवं जनपद की संयुक्त रिपोर्ट के उपरांत ही निर्णय लिए जाएंगे। औद्योगिक आस्थान में नगर निगम द्वारा गृह कर में की गयी वृद्धि के संबंध में उद्यमियों ने प्रकरण को राज्य उद्योग बंधु की बैठक में भेजे जाएंगे।
औद्योगिक क्षेत्र तालानगरी में अखिलेश चंद्र गुप्ता को आवंटित भूखंड संख्या ए-28 एवं मंगलम सीमेंट के प्रकरण के संबंध में यूपीएसआईडीसी ने बताया कि इसकी अपील राज्य स्तर पर स्वीकार कर ली गयी है। उपायुक्त उद्योग श्रीनाथ पासवान ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र सदैव ही उद्यमियों की समस्याओं के निराकरण के लिए तत्पर है। बैठक में नेकराम शर्मा, चंद्र शेखर शर्मा, लल्लू सिंह, दिनेश चंद्र वार्ष्णेय, हाथरस से प्रदीप गोयल, प्रेम विहारी वैश्य सहित अन्य मौजूद रहे।
कासगंज में आवंटन हो सकते हैं निरस्त
मंडलायुक्त ने औद्योगिक आस्थान कासगंज के भूखंड ए-वन, ए-टू, ए-थ्री, बी-वन और बी-टू में किसी प्रकार की इकाई स्थापित न किये जाने पर आवंटन निरस्तीकरण पर अर्द्धशासकीय पत्र भेजने के निर्देश दिये। ये भूखंड आगरा मंडल विकास निगम को आवंटित थे।
हाथरस में बिजली बिल से अधिक धनराशि लेने की शिकायत
औद्योगिक आस्थान सहकारी समिति हाथरस ने मासिक बिजली बिल में वास्तविक धनराशि से अधिक धनराशि वसूले जाने की शिकायत की। इस पर अधिशासी अभियंता विद्युत को स्टेट रग्यूलेटरी कमीशन द्वारा निर्धारित टैरिफ के तहत ही बिलिंग करने को कहा गया।