एएमयू रजिस्ट्रार ऑफिस के बाहर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे छात्र-छात्राएं।
- फोटो : Dig Vishal
एएमयू में पीएचडी अभ्यर्थियों के अनशन को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों की चिंता बढ़ने लगी है। जिला प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी अनशनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वह टस से मस नहीं हो रहे हैं।
वर्तमान समय में अनशन पर तीन अभ्यर्थी हैं, जिसमें एक महिला है। मो. आसिफ का आज पांचवां दिन है। बीच में तबितय बिगड़ने पर उन्हें एक बार जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा था। ड्रिप चढ़वाने के बाद वह फिर अनशन स्थल पर पहुंच गए। हस्सान अब्दुल्ला तीसरे दिन एवं विजुअली चैलेंज्ड रबाब फातिमा दूसरे दिन भी अनशन पर डटे हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम अनशनकारियों का चेकअप करने पहुंचे थे।
शाम में एसीएम द्वितीय एवं सीओ अनशन स्थल (एएमयू प्रशासनिक ब्लॉक गेट) पर दल-बल के साथ पहुंचे और अनशनकारी अभ्यर्थियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारी आसिफ को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाना चाह रहे है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनके साथ न्याय नहीं होगा, वह यहां से हटने वाले नहीं हैं, क्यों न इस क्रम में उनकी जान चली जाए।
एएमयू कैंपस में बेगाने से हो गए है पीएचडी अभ्यर्थी
पीएचडी प्रवेश में धांधली का आरोप लगाकर एक पखवाड़े से अधिक समय से धरना एवं अनशन पर बैठे अभ्यर्थी एएमयू में बेगाने से हो गए हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन उन्हें अपना छात्र मानने से इंकार कर चुका है। जेएन मेडिकल कॉलेज के बदले स्वास्थ्य विभाग की टीम उनकी जांच करने पहुंच रही हैं।
एएमयू अधिकारियों ने भी इनसे नजरें फेर लिये हैं। यहीं कारण है कि जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारी इन्हें मनाने एवं समझाने आ रहे हैं। छात्रों के बीच थोड़ी सहानुभूति जरूर है। धरना एवं अनशन पर बैठे वहीं लोग हैं, जो चंद महीने पहले तक एएमयू के छात्र थे और कैंपस में बड़े फख्र से निकलते थे।