शुरुआती चरण में मृतक के पिता गुड्डू सिंह और घटना के समय बाइक पर साथ मौजूद साथी कन्हैया ने आरोप लगाया था कि साइड देने व हॉर्न बजाने को लेकर हुई कहासुनी के बाद ऑडी चालक ने जानबूझकर गाड़ी चढ़ाकर मनोज की हत्या की है।
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अलीगढ़ के बन्नादेवी थाना क्षेत्र में 20 अक्तूबर की रात हलवाई मनोज सिंह की ऑडी कार कुचलकर हत्या के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। प्राथमिकी दर्ज कराने वाले मृतक के पिता गुड्डू सिंह और प्रत्यक्षदर्शी कन्हैया ने सेंटर प्वाइंट स्थित एक रेस्टोरेंट में बाकायदा पत्रकार वार्ता कर बयान दिया कि मनोज की हत्या नहीं हुई बल्कि हादसे में उसकी मौत हुई थी।
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मनोज की ऑडी से कुचलकर मौत के बाद पुलिस ने इस मामले में हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस ने इस मामले में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष चौधरी देवराज सिंह के भतीजे विक्रांत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया था। तब से वह जेल में ही बंद है। इससे पहले गुड्डू सिंह इस वारदात में तीन अन्य आरोपियों के भी शामिल होने का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
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उस समय उनका आरोप था कि ऑडी में बैठकर चार सवार शराब पी रहे थे। वादी पक्ष ने उस समय दावा किया था इसी दौरान मनोज और उनकी बाइक पर बैठा कन्हैया पान मसाला खरीदने के लिए दुकान पर रुके थे। बाइक ऑडी के सामने खड़ी करने पर सवारों ने मनोज से गाली गलौज की। इसके बाद मनोज वहां से कन्हैया को बैठाकर बाइक से आगे बढ़े।
तभी हरि पर्ल गेस्ट हाउस के पास ऑडी से कुचलकर मनोज की हत्या कर दी गई थी। अब गुड्डू सिंह और कन्हैया ने पत्रकारों से कहा कि उन्होंने लोगों के कहने पर आरोप लगाए थे लेकिन सच्चाई यह है कि मनोज की मौत हादसे में हुई है, उसकी हत्या नहीं की गई। एसपी सिटी आदित्य बंसल का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।