पीड़िता का आरोप है कि तलाक के बाद भी उसका पूर्व पति उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है और पीछा नहीं छोड़ रहा है। वह जब अपनी स्कूटी से ड्यूटी यानी मेडिकल कॉलेज जा रही थी, तभी पूर्व पति अपने भाई और एक अन्य साथी के साथ वहां आ धमका। तीनों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने का प्रयास किया।
अलीगढ़ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एएमयू की एक स्टाफ नर्स को पूर्व पति और उसके साथियों ने रोककर जबरन गाड़ी में खींचने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने नामजद समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस के अनुसार, सासनी गेट थाना क्षेत्र की रहने वाली एक महिला एएमयू में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत है। वर्ष 2024 में उसका निकाह जमालपुर निवासी एक युवक के साथ हुआ था। हालांकि, कुछ ही समय बाद दोनों के बीच आपसी विवाद शुरू हो गया, जिसके चलते साल 2025 में महिला ने उससे कानूनी रूप से तलाक ले लिया।
पीड़िता का आरोप है कि तलाक के बाद भी उसका पूर्व पति उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान कर रहा है और पीछा नहीं छोड़ रहा है। बीते सोमवार की सुबह जब महिला अपनी स्कूटी से ड्यूटी यानी मेडिकल कॉलेज जा रही थी, तभी सिविल लाइन क्षेत्र में जामिया उर्दू वाली गली के पास उसका पूर्व पति अपने भाई और एक अन्य साथी के साथ वहां आ धमका। तीनों ने मिलकर उसकी स्कूटी को रास्ते में रोक लिया और उसे जबरन अपनी गाड़ी में बैठाने का प्रयास करने लगे। जब नर्स ने इस हरकत का विरोध किया, तो आरोपियों ने बौखलाकर उसके चेहरे पर तेजाब फेंकने की धमकी दी।
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सहमी पीड़िता ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने मुख्य आरोपी शाकिब, उसके भाई राशिद, आसिफ और एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सीओ तृतीय सर्वम सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है।